शोधकर्ता के अनुसार यदि पानी के विभाजन की इस तकनीक को विकसित करें, तो प्रदूषित पानी से फैलने वाले जलजनित रोगों से बचा जा सकेगा। उद्योगों से निकला गंदा पानी दोबारा इस्तेमाल में लाया जा सकेगा, जिससे पानी की कमी दूर होगी। इससे निकलने वाली ऊर्जा भविष्य में काम आएगी।
पेट्रोल पंपों की तरह हाइड्रोजन ईंधन भरने वाले स्टेशन हो सकते हैं। इस पानी के विभाजन की प्रतिक्रिया से उत्पन्न हाइड्रोजन गैस के साथ आप अपनी कार में हाइड्रोजन ईंधन सेल भर सकते हैं। लिथियम बैटरी चालित इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज करने में लगने वाले घंटों की तुलना में हाइड्रोजन ईंधन भरने का काम मिनटों में होगा।