धर्मशाला में सुधीर शर्मा, सुजानपुर में राजेंद्र राणा, बड़सर में इंद्र दत्त लखनपाल, गगरेट में चैतन्य शर्मा, लाहौल-स्पीति में रवि ठाकुर और कुटलैहड़ में देवेंद्र भुट्टो बीते माह तक कांग्रेस के विधायक थे। नालागढ़ से निर्दलीय केएल ठाकुर, देहरा से होशियार सिंह और हमीरपुर से आशीष शर्मा भी 14 माह तक कांग्रेस के कंधे से कंधा मिलकर चल रहे थे।
कांग्रेस के छह विधायकों को बजट पारित करने के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर अयोग्य घोषित कर दिया गया है। तीन निर्दलीय विधायकों ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ दिया है। ऐसे में अब कांग्रेस को प्रदेश के इन नौ क्षेत्रों में नये विकल्प तैयार करते हुए अपनी चुनावी रणनीति बनानी होगी।
अयोग्य घोषित छह विधायकों के समर्थकों की जगह संगठन में नये सक्रिय कार्यकर्ता और पदाधिकारी तलाशने होंगे। शनिवार को चुनाव आचार संहिता लगने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा चुनाव को मजबूती से लड़ने के लिए इन नौ विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी को अपने दूसरी पंक्ति के नेताओं को जल्द ही कमान भी सौंपनी होगी।