प्रदेश के प्रमुख मंदिर नैणादेवी, दियोटसिद्ध और भरमाणी माता मंदिर तक जाने के लिए श्रद्धालुओं की राह आसान होने वाली है। राज्य पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग बिलासपुर, हमीरपुर, शिमला और चंबा में चार रोप वे बनाने जा रहा है।
रोप वे बनाने के लिए अगर विभाग को समय से निवेशक मिल गए तो डेढ़ साल के भीतर इन मंदिरों तक जाने के लिए लगने वाले घंटों का सफर मिनटों में पूरा हो जाएगा। पर्यटन विभाग ने रोप वे बनाने के लिए कंपनियों का चयन करने का जिम्मा हिमाचल प्रदेश इंफरास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड को सौंपा है।
जिला बिलासपुर में टोबा से नैणादेवी, जिला हमीरपुर में शाहतलाई से दियोटसिद्ध, जिला चंबा में सन्चुइन (भरमौर) से भरमाणी माता मंदिर और जिला शिमला में सराहन से बशाल कांडा तक रोप वे बनाने की योजना है।
इन रोप वे का निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत होना है। निवेशक के पास 40 साल तक रोप वे रहेगा। 40 साल बाद रोप वे सरकार के अधीन आएगा। इन रोप वे के निर्माण से हिमाचल में पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा।
वादियों से होकर गुजरने वाले इन रोप वे पर सफर करने का अलग ही अहसास होगा। इसके अलावा हिमाचल की सर्पीली सड़कों की चढ़ाई-उतराई से होने वाली थकान से भी लोगों को निजात मिलेगी। चंद मिनटों में रोप वे के माध्यम से सफर हो सकेगा। प्रदेश के अनछुए पर्यटक स्थलों से भी लोग रूबरू हो सकेंगे।
जल्द शुरू होगा रोप वे का काम
प्रदेश में चार जगह रोप वे बनाने के लिए मंगलवार से आरएफपी डाक्यूमेंट वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दिया गया है। 13 जून को इच्छुक निवेशकों के लिए प्री बिड बैठक बुलाई गई है। 17 जुलाई तक निवेशक अपने आवेदन जमा करवा सकेंगे। उम्मीद है कि जल्द ही इन रोप वे पर काम शुरू होगा।- अनिल कपिल, सीजीएम एचपीआईडीबी
दो सालों में चार रोप वे का सौंपा टेंडर
हिमाचल प्रदेश इंफरास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट बोर्ड ने बीते दो साल के दौरान प्रदेश में चार जगह रोप वे बनाने के टेंडर सौंपे हैं। इनमें राजधानी शिमला के बाईपास क्रासिंग से जोधा निवास (रिज मैदान) तक रोप वे बीते माह शुरू हो गया है। इसके अलावा हिमानी-चामुंडा, धर्मशाला-मैकलोड़गंज और कुल्लू-बिजली महादेव का कार्य जारी है।
रोप वे प्रोजेक्टों में रुचि नहीं ले रहे निवेशक
टोबा से नैणादेवी और शाहतलाई से दियोटसिद्ध तक रोप वे बनाने की प्रक्रिया साल 2015 में शुरू हुई थी। जनवरी 2016 तक पर्यटन विभाग इन रोप वे को सिरे चढ़ाने के लिए तीन बार टेंडर आमंत्रित कर चुका है लेकिन निर्माण लागत बहुत अधिक होने के चलते निवेशक में इसमें दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। अब सरकार ने नए सिरे से रोप वे निर्माण की योजना शुरू की है।
रोप वे जिला अनुमानित दूरी
- टोबा से नैणादेवी बिलासपुर 2.40 किलोमीटर
- शाहतलाई से दियोटसिद्ध हमीरपुर 1.85 किलोमीटर
- सराहन से बशाल कांडा शिमला 3.150 किलोमीटर
- सन्चुइन से भरमाणी मंदिर चंबा 1.697 किलोमीटर