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आशियाना देखने शिमला पहुंची प्रियंका, कहा- दो महीने में पूरा करो सारा काम

Wed, 17 May 2017 11:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने वास्तुकारों को निर्देश दिए हैं कि वे उनके मकान का निर्माण कार्य दो महीने में पूरा करें और इसे रहने लायक बना दें। प्रियंका शिमला के छराबड़ा स्थित मकान के निर्माण कार्य को पूरा करने का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं।
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उन्होंने मंगलवार को मकान के सौंदर्यीकरण करने के साथ-साथ यहां लाइटों को उचित जगहों पर लगवाने के भी निर्देश दिए।  अपने निर्माणाधीन मकान का मुआयना करने के लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी की पुत्री प्रियंका गांधी वाड्रा मंगलवार को शिमला पहुंच गईं।

उन्होंने छराबड़ा जाकर मकान का निरीक्षण किया। मकान का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है। इसके इर्द-गिर्द रोपे गए सेब और अन्य फलों के पौधों का भी उन्होंने निरीक्षण किया। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची और उनके पुत्र मनजीत खाची भी उनके साथ मौजूद रहे।
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सूत्रों ने बताया कि प्रियंका गांधी वाड्रा दोपहर बाद शिमला पहुंचीं। वे देर रात तक अपने निर्माणाधीन मकान पर रहीं और लकड़ी की नक्काशी एवं अन्य बारीकियों पर वास्तुकारों से बात करती रहीं। उन्होंने खुद ही यहां माली को भी कहा कि वह किस तरह से उनकी बगिया को तैयार करे।

नवरात्रों से मकान में बसना शुरू कर सकती हैं प्रियंका
छराबड़ा में पिछले कई साल से प्रियंका गांधी वाड्रा के मकान का निर्माण चल रहा है। पहले ये माना जा रहा था कि प्रियंका इसमें चैत्र नवरात्र में रहना शुरू करेंगी। मगर इसकी मरम्मत पूरी नहीं हो पाई थी। अब प्रियंका गांधी वाड्रा इस मकान में अगले नवरात्रों से बसना शुरू कर सकती हैं।

प्रियंका गांधी का ये मकान ठीक राष्ट्रपति निवास रिट्रीट के साथ ही बनाया जा रहा है। कुछ साल पहले पसंद नहीं आने पर प्रियंका अपने निर्माणाधीन मकान की दो मंजिलों को गिरा भी चुकी हैं। इस मकान के निर्माण का उन्होंने शुरू से ही बारीकी से खुद मुआयना किया है। कई बार उनकी मां सोनिया गांधी भी उनके साथ यहां आ चुकी हैं। 

परिसर में ओले गिरे तो भीतर ही रुकी रहीं प्रियंका 
मंगलवार को मकान के बाहर खड़ी प्रियंका जब इस भवन का सौंदर्यीकरण ठीक से करने के निर्देश दे रही थी तो अचानक ओले गिरने शुरू हो गए। इसके बाद वे मकान के भीतर गई। ओले और बारिश के थमने के बाद ही उन्होंने दोबारा से भवन के परिसर का निरीक्षण किया।
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