बिलासपुर स्थित शक्तिपीठ श्री नयनादेवी में 27 जुलाई से छह अगस्त तक चलने वाले श्रावण अष्टमी मेले में इस बार श्रद्धालुओं को एक साथ मंदिर तक नहीं जाने दिया जाएगा। घवांडल में प्रशासन विशेष बैरीकेट्स लगाने जा रहा है।
यहां भीड़ को रोका जाएगा और 250-250 श्रद्धालुओं के जत्थे बनाकर मंदिर को भेजे जाएंगे। भीड़ पर नियंत्रण के लिए प्रशासन यह कदम उठा रहा है। नयनादेवी मंदिर में कुछ वर्ष पहले हुई भगदड़ की घटना में सौ से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।
इसके बाद से प्रशासन भीड़ पर नियंत्रण के लिए हर संभव कदम उठा रहा है। हजारों की भीड़ एक साथ मंदिर तक न पहुंचे, इसके लिए श्रद्धालुओं के जत्थे बनाए जाएंगे। ट्रैफिक जाम को रोकने के लिए भी प्रशासन ने खास प्रबंध किए हुए हैं।
टोबा से आगे बड़े वाहनों की एंट्री नहीं होने दी जाएगी। एसडीएम एवं मंदिर न्याय के अध्यक्ष डा. एमएल मेहता ने बताया कि मेले में आम श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
बिजली-पानी की भी रहेगी पूरी व्यवस्था
नयनादेवी मंदिर में श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो इसके लिए बेहतर इंतजाम किए जाएंगे। एसडीएम डा. एमएल मेहता ने बताया कि पेयजल और बिजली बेहतर होनी चाहिए।
इसके लिए दोनों ही विभागों को आदेश दिए गए हैं। पेयजल टैंकों की साफ-सफाई के लिए कहा गया है। क्लोरीन और ब्लीचिंग पाउडर डालने के भी आदेश हुए हैं। बिजली व्यवस्था बेहतर करने के भी आदेश दिए गए हैं।