बैजनाथ के मेला मैदान में जनसभा में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की ठेकेदारी पर सरकार कानूनी प्रतिबंध लगाने पर विचार करेगी। क्योंकि आमतौर पर देखा गया है कि पंचायत प्रतिनिधि अपने परिजनों के नाम ठेके लेकर कार्य करते हैं। यह सब ठीक नहीं है।
पंचायतों को राजनीति का अड्डा बनाने के बजाए प्रतिनिधियों को बिना भेदभाव के विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाना चाहिए। आदिकाल से पंचायतों का विशेष महत्व रहा है और पंच को परमेश्वर की संज्ञा दी गई है। उन्होंने कहा कि पंचायतों में विकास के लिए केंद्र या राज्य सरकार से सीधे रूप से जारी राशि का दुरुपयोग न हो। यह सब पंचायत प्रतिनिधियों को सुनिश्चित करना होगा।
प्रतिनिधियों को बेसहारा और अन्य वर्ग के लोगों के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का लाभ देने के लिए कृतसंकल्प होना चाहिए। चुनावी महाकुंभ में इतनी बड़ी संख्या में भाग लेने वाले समस्त प्रतिनिधियों का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि इससे प्रजातंत्र पर लोगों का विश्वास बढ़ा है। प्रदेश में तीन नए मेडिकल कॉलेज चंबा, सिरमौर और हमीरपुर में शुरू किए जा रहे हैं।
बिलासपुर में एम्स स्तर के अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश में 100 से अधिक डिग्री कॉलेज कार्य कर रहे हैं। इस मौके पर विधायक किशोरी लाल, विधायक यादविंद्र गोमा, केसीसी बैंक के चेयरमैन जगदीश सिपहिया, डीसी कांगड़ा रितेश चौहान, एसपी अभिषेक दुल्लर सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।