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Shimla News: आईजीएमसी में अब आभा आईडी से ही बनेगी ओपीडी की पर्ची

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पंजीकरण काउंटर पर बनाए जा रहे नए आभा कार्ड, मरीजों की मदद के लिए कर्मचारी किए हैं तैनात
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हर मरीज की बीमारी बनाया जा रहा है रिकार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में आभा कार्ड से पंजीकरण करने और टोकन जारी करने की व्यवस्था को पूरी तरह से लागू कर दिया है। अस्पताल के पंजीकरण और पर्ची काउंटर पर हर मरीज का आभा आईडी से पंजीकरण करने और टोकन नंबर जारी करने की व्यवस्था की है। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन ने अगल से स्टाफ बिठाया है।

इसमें जिन मरीजों के आभा कार्ड नहीं बने हैं, उनके मौके पर ही कार्ड बनाए जा रहे हैं। बुजुर्ग, प्रवासी मजदूरों सहित बिना स्मार्ट फोन वाले मरीजों के आभा कार्ड और आईडी बनाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने टैब और वाईफाई की सुविधा दे रखी है। आभा एप्लीकेशन के माध्यम से ही सभी के टोकन जारी कर पर्ची बन रही है। नई व्यवस्था में संबंधित ओपीडी में आने वाले हर मरीज का रिकार्ड भी रखा जा रहा है। इसमें मरीज का नाम, उसकी बीमारी और ओपीडी से संबंधित जानकारी शामिल है। बीते रोज आईजीएमसी में एक हजार से अधिक टोकन आभा आईडी और कार्ड के माध्यम से ऑनलाइन जनरेट किए गए। आईजीएमसी के न्यू ओपीडी ब्लॉक की दूसरी मंजिल में मंगलवार को पर्ची काउंटर पर बहुत से ऐसे मरीज आए जिनको आभा के माध्यम से ऑनलाइन पर्ची बनवाने और टोकन जनरेट करने की जानकारी नहीं थी। इस दौरान तीन नंबर पर्ची काउंटर पर तैनात कर्मचारियों ने मरीजों की मदद की। बबली ठाकुर ने बताया कि ईएनटी ओपीडी में दिखाने आई हूं, मोबाइल से पहले ही टोकन नंबर जनरेट कर लिया था इसलिए ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। मरीज नरेश कुमार को पर्ची बनाने में दिक्कत आ रही थी जिसे कर्मचारियों ने सुलझा दिया।
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कर्मचारी कर रहे मरीजों की मदद
एक नेपाली मूल के व्यक्ति रामु अपनी पत्नी मीना को टांग में हो रही दर्द को दिखाने के लिए लाया था लेकिन उसका आभा कार्ड नहीं बना था। इस पर कर्मचारी ने उसका नाम पता और अन्य जानकारी पूछ कर उसी के माेबाइल से आभा कार्ड बनाया और फिर उसका पंजीकरण हुआ। गुम्मा से आए वेद प्रकाश का आभा कार्ड बना था लेकिन उसमें जो मोबाइल नंबर था, वह इस्तेमाल में नहीं था। इस पर उसने कर्मचारी की मदद ली और अपने नए नंबर से आभा कार्ड बनाया और पर्ची बनवाने में मदद की। आईजीएमसी के एमएस डाॅ. राहुल राव ने माना कि अस्पताल की ओपीडी में दिखाने के लिए हर मरीज की आभा कार्ड और आईडी का उपयोग करके ही पर्ची बनाई जा रही है। इसमें जिनकी आईडी नहीं है, उनकी बनाई जा रही है। सहयोग के लिए स्टाफ मार्गदर्शन कर रहा है।
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