प्रदेश के सभी प्रशासनिक सचिवों को जारी पत्र में प्रधान सचिव (वित्त) ने कहा कि पिछले दिशा-निर्देशों और 19 दिसंबर 2017 को सीडब्ल्यू पीआईएल संख्या 201/2017 में उच्च न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। दिशा-निर्देशों में कार्मिक विभाग के 8 फरवरी 2018 और 8 जून 2018 के परिपत्र तथा कार्मिक मामलों की पुस्तिका खंड एक के अध्याय-22 में उल्लिखित प्रावधान भी शामिल हैं। प्रधान सचिव के अनुसार 10 नवंबर 2023 और 24 जुलाई 2024 को जारी किए गए कार्यालय ज्ञापन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सेवानिवृत्त व्यक्तियों की किसी भी तरह की पुनर्नियुक्ति इन कानूनी आवश्यकताओं के ढांचे के भीतर और जनहित में की जाए।