काम करते वक्त हादसे का शिकार होने वाले तकनीकी कर्मचारियों के परिजनों को बिजली बोर्ड प्रबंधन तीन माह में करुणामूलक आधार पर नौकरी देगा। बोर्ड प्रबंधन ने नौकरी देने की नीति बनाते हुए शनिवार को इसकी अधिसूचना जारी की।
इसके मुताबिक मृतक के परिजनों को पांच से दस लाख रुपये वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। 23 मई को बिजली बोर्ड इंप्लाइज यूनियन के बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस का घेराव करने की चेतावनी से पहले बोर्ड प्रबंधन ने यह फैसला लिया है।
बीते साल सुंदरनगर में मुख्यमंत्री ने यूनियन के अधिवेेशन में करुणामूलक आधार पर नौकरी देने की घोषणा की थी। बीते मार्च में बोर्ड के निदेशक मंडल ने मृतक कर्मचारी के परिवार को नौकरी और वित्तीय सहायता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, लेकिन बोर्ड प्रबंधन इसकी अधिसूचना जारी नहीं कर रहा था।
ऐसे में इंप्लाइज यूनियन ने 23 मई को कुमार हाउस के घेराव का फैसला लिया है। उधर, शनिवार को जारी बोर्ड प्रबंधन की अधिसूचना के मुताबिक बोर्ड में तकनीकी कर्मचारियों की लाइन, उपकेंद्र और परियोजनाओं में कार्य करते समय मृत्यु होने पर उनके आश्रित परिवार के सदस्य को तीन महीने के भीतर नौकरी दी जाएगी।
लंबित सभी मामले भी इसी नीति के तहत निपटाए जाएंगे। इन नौकरी के मामलों में अन्य करुणामूलक के मामलों की तरह वार्षिक आमदनी की सीमा नहीं लगेगी। दुर्घटनाग्रस्त नियमित कर्मचारियों के परिवारों को दस लाख रुपये और अनुबंध, अस्थायी कर्मचारियों के परिवार को पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। मृतक के परिजन एक साल तक सरकारी आवास में भी रह सकेंगे।
उधर, इंप्लाइज यूनियन के महासचिव हीरालाल वर्मा ने बताया कि बोर्ड प्रबंधन को चार मांगों का नोटिस दिया गया है। करुणामूलक आधार पर नौकरी की भी एक मांग थी। इस मांग के पूरा होने पर अब अन्य मांगों के समर्थन में 23 मई को प्रदर्शन किया जाएगा।