स्कूलों में बच्चों से करवाई जा रही अवैध वसूली के गोरखधंधे पर उच्च शिक्षा निदेशालय ने कड़ा संज्ञान लिया है। 18 मई के अंक में अमर उजाला के खुलासे के बाद शनिवार को निदेशालय ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के प्रिंसिपलों और हेडमास्टरों को आदेश जारी कर अवैध चंदा वसूली को तुरंत बंद करने के आदेश दिए हैं।
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल बिंटा ने कहा है कि स्कूलों में शिक्षक किसी भी संस्था के लिए बच्चों से पैसा एकत्र नहीं करवा सकते हैं। भविष्य में इस तरह के मामलों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
स्कूल परिसर में बाहरी व्यक्तियों के आने पर भी रोक लगा दी गई है। उल्लेखनीय है कि एक संस्था की ओर से राजधानी शिमला के कुछ स्कूलों में अवैध वसूली के मामले सामने आने पर उच्च शिक्षा निदेशालय ने कड़ा संज्ञान लिया है।
खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए निदेशालय ने शनिवार को प्रिंसिपलों को जारी आदेश में कहा कि शिक्षकों को इस संदर्भ में कड़ी चेतावनी जारी की जाए।
स्कूली बच्चों को जागरूक कर बताया जाए कि किसी भी संस्था के लिए चंदा उगाही करना उनका काम नहीं है। निदेशक ने स्कूल परिसरों में बाहरी लोगों के आने पर पाबंदी लगाने के आदेश देते हुए कहा है कि बाहरी व्यक्ति की पहले सही से पहचान की जाए।