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Shimla News: अब एचपीयू बनेगा उच्च रक्षा प्रौद्योगिकी शोध का नया केंद्र

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इनमास-डीआरडीओ और हिमाचल विश्वविद्यालय के बीच हुआ ज्ञापन, शोध कार्यों को मिलेगी गति
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अब उच्च रक्षा प्रौद्योगिकी शोध का नया केंद्र हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला बनेगा। एचपीयू और नई दिल्ली स्थित इनमास–डीआरडीओ के बीच शुक्रवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। इससे विश्वविद्यालय में जैविक, रासायनिक, भौतिक और इंजीनियरिंग विज्ञान से जुड़े उन्नत शोध को गति मिलेगी।

समझौते के तहत दोनों संस्थान संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, डीआरडीओ–वित्त पोषित पहल, शोधार्थियों का संयुक्त पर्यवेक्षण, छात्र इंटर्नशिप, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण पर काम करेंगे। इससे छात्रों को उच्च स्तरीय प्रयोगशालाओं में काम करने, विशेषज्ञ वैज्ञानिकों से मार्गदर्शन प्राप्त करने और राष्ट्रीय स्तर की शोध परियोजनाओं का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा। कुलपति प्रो. महावीर सिंह और इनमास–डीआरडीओ के निदेशक डॉ. सुधीर चांदना की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
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कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय अब विभिन्न संकायों को जोड़कर सामूहिक और अंतर्विषयी शोध को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विश्वविद्यालय रक्षा–प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य–विज्ञान, समाज और पर्यावरण से जुड़े अनेक संयुक्त शोध प्रस्ताव तैयार करेगा। डॉ. चांदना ने कहा कि एचपीयू की ओर से प्रस्तुत होने वाले योग्य शोध प्रस्तावों को वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के प्राध्यापक और शोधार्थी बायोमेडिकल विज्ञान, रक्षा प्रौद्योगिकी, रासायनिक जैविक सुरक्षा तथा इनमास की कार्य परिधि से संबंधित अन्य क्षेत्रों में अपने विचार प्रस्तुत करें।
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यह रहे मौजूद
समारोह में प्रो. राजिंदर वर्मा, प्रो. बीके शिवराम, प्रो. ममता मोक्टा, प्रो. जोगिंद्र सिंह धीमन, प्रो. हरि मोहन, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. नैनजीत सिंह नेगी, डॉ. संदीप चौहान, डॉ. रमेशचंद ठाकुर और डॉ. मनीष कुमार सहित विभिन्न विभागों के अनेक शोधार्थी उपस्थित रहे।
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