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Shimla News: विक्रय केंद्रों पर ताले, बीजों के लिए भटक रहे किसान

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कृषि विभागों में कर्मचारियों की कमी के चलते 48 विक्रय केंद्रों पर लगे हैैं ताले, बाजारों से महंगी दरों पर हो रही खरीद
सिर्फ नौ केंद्रों पर बांटे जा रहे हैं किसानों को बीज और उपकरण
भारती शर्मा
शिमला। जिले के अधिकतर क्षेत्रों में रबी फसलों की बुआई का काम शुरू हो गया है। किसानों को गेहूं, लहसुन सहित अन्य बीजों की जरूरत पड़ रही है लेकिन बीज उपलब्ध करवाने वाले कृषि विभाग के विक्रय केंद्रों पर ताले लगे हैं। कर्मचारी न होने से दफ्तर बंद हो गए हैं।

हालत यह है कि जिले में 57 में से 48 विक्रय केंद्रों पर अभी ताले लगे हैं। बसंतपुर, ठियोग, रोहड़ू और चिड़गांव विकास खंडों में सभी विक्रय केंद्र बंद हैं। यहां के किसानों को बीज लेने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसान बीज और अन्य उपकरणों के लिए भटक रहे हैं। सरकारी विक्रय केंद्र बंद होने से इन्हें बाजार से महंगी दरों पर सामान खरीदना पड़ रहा है। कृषि विभाग किसानों को बीज अनुदान पर देता है। यह बीज और उपकरण कृषि विक्रय केंद्र के माध्यम से उपलब्ध करवाए जाते हैं। किसानों को बीज लेने के लिए शिमला आना पड़ रहा है। रोहड़ू के किसान ओम प्रकाश और दौलत राम ने बताया कि रबी सीजन की बिजाई के लिए उन्हें लहसुन और मटर का बीज चाहिए था। विक्रय केंद्र बंद होने पर जब कृषि विभाग के अधिकारियों से बीज के लिए कहा तो उन्हें कर्मचारियों की कमी का बहाना बना दिया। चिड़गांव के किसान हंसराज, रामकृष्ण और रंजना ने कहा कि विभाग से जब बीज मांगा तो उन्होंने बीज लेने के लिए शिमला आने के लिए कहा। ऐसे में इतनी दूर जाने के बजाय बाजार से ही बीज खरीद लिया था।
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किसके कितने पद पड़े हैं खाली कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में एईओ (एग्रीकल्चर एक्सटेंशन ऑफिसर) के 57 पद स्वीकृत हैं। इसमें से सिर्फ 9 पद भरे गए हैं और 48 पद रिक्त हैं। इन्हीं रिक्त पदों के कारण कृषि विक्रय केंद्रों को अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ा है। हर विक्रय केंद्र पर एक एईओ बैठता है। इसके अलावा जिला शिमला में कृषि विकास अधिकारी के 23 पद स्वीकृत हैं जिसमें 6 पद भरे हुए हैं और 17 पद खाली हैं। यही स्थिति शिमला के कृषि उपनिदेशक कार्यालय की है जहां 55 पद स्वीकृत हैं लेकिन 43 पद खाली पड़े हैं।



कोट
जिले में 48 कृषि विक्रय केंद्र स्टाफ की कमी के चलते बंद हैं। कृषि निदेशालय से कई बार खाली पड़े पदों को भरने की मांग की जा चुकी है। जिला परिषद में भी यह सवाल उठा था। इसकी वजह से लोगों को बीजों की सप्लाई देने और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने में परेशानी हो रही है।
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-अजब कुमार नेगी, उपनिदेशक, कृषि विभाग




हाई कोर्ट में चल रहा है नई भर्तियों का केस : जसरोटिया
कृषि विभाग के रिक्त पदों की नई भर्तियों का मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। हाईकोर्ट से खाली पड़े पदों को भरने के लिए अनुमति मिलते ही नई भर्तियां कर ली जाएंगी।
-डॉ. रविंद्र सिंह जसरोटिया, निदेशक, कृषि विभाग
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