बेनामी सौदों और अन्य अवैध तरीकों से जमीन हथियाने वालों पर शिकंजा कसते हुए हिमाचल के सोलन जिला प्रशासन ने डेढ़ अरब की करीब 153 बीघा जमीन प्रदेश सरकार में निहित करने के आदेश दिए हैं।
फैसले के बाद उपायुक्त एवं जिला समाहर्ता ने राजस्व अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसमें 50 बीघा भूमि जेके बिल्डर्स के नाम पर है। आरोप है कि हिमाचल के विभिन्न कोनों में बसे हिमाचलियों के नाम पर यह जमीन खरीदी गई है।
बिल्डर्स ने कुल राशि में करीब एक करोड़ 25 लाख का भुगतान अपने अकाउंट से ही किया है। दूसरे मामले में आनंदा रिजॉर्टस प्राइवेट लिमिटेड पर शिकंजा कसा है। इसमें 103 बीघा बेनामी जमीन सरकार के नाम करने के आदेश दिए गए हैं।
इन जमीन की मार्केट वेल्यू करीब 150 करोड़ आंकी गई है। पुलिस के विशेष जांच दल की छानबीन के बाद यह मामले डीसी कोर्ट में लगे थे, जिन पर कार्रवाई हुई है।
इससे पहले भी जिला प्रशासन कसौली, बीबीएन, कंडाघाट में अवैध तरीकों से हिमाचलियों की जमीन हासिल करने वालों पर कार्रवाई कर चुका है। जिला समाहर्ता एवं उपायुक्त सोलन राकेश कंवर ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में ऐसे 68 मामलों में 1452 बीघा भूमि प्रदेश सरकार में निहित करने के निर्देश दिए गए हैं।