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बेनामी सौदों पर शिकंजा, अब सरकार के कब्जे में होगी डेढ़ अरब की जमीन

Mon, 10 Apr 2017 08:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
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बेनामी सौदों और अन्य अवैध तरीकों से जमीन हथियाने वालों पर शिकंजा कसते हुए हिमाचल के सोलन जिला प्रशासन ने डेढ़ अरब की करीब 153 बीघा जमीन प्रदेश सरकार में निहित करने के आदेश दिए हैं।
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फैसले के बाद उपायुक्त एवं जिला समाहर्ता ने राजस्व अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसमें 50 बीघा भूमि जेके बिल्डर्स के नाम पर है। आरोप है कि हिमाचल के विभिन्न कोनों में बसे हिमाचलियों के नाम पर यह जमीन खरीदी गई है।

बिल्डर्स ने कुल राशि में करीब एक करोड़ 25 लाख का भुगतान अपने अकाउंट से ही किया है। दूसरे मामले में आनंदा रिजॉर्टस प्राइवेट लिमिटेड पर शिकंजा कसा है। इसमें 103 बीघा बेनामी जमीन सरकार के नाम करने के आदेश दिए गए हैं।
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इन जमीन की मार्केट वेल्यू करीब 150 करोड़ आंकी गई है। पुलिस के विशेष जांच दल की छानबीन के बाद यह मामले डीसी कोर्ट में लगे थे, जिन पर कार्रवाई हुई है।

इससे पहले भी जिला प्रशासन कसौली, बीबीएन, कंडाघाट में अवैध तरीकों से हिमाचलियों की जमीन हासिल करने वालों पर कार्रवाई कर चुका है। जिला समाहर्ता एवं उपायुक्त सोलन राकेश कंवर ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में ऐसे 68 मामलों में 1452 बीघा भूमि प्रदेश सरकार में निहित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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अब तक 10 अरब से अधिक 150 बीघा जमीन सरकार के नाम

सोलन भू माफिया का गढ़ बन चुका है। कसौली में एनजीटी की कार्रवाई के साथ अब प्रशासन भी बेनामी सौदों पर सख्त हो चुका है। नामी लोगों की अवैध तरीके से हिमाचल में खरीदी गई संपत्ति को सरकार को वापस किया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा भू-माफिया के विरुद्ध लिए गए सख्त निर्णय एवं राज्य में बेनामी सौदों और अन्य अवैध तरीकों से भूमि हथियाने के मामलों को रोकने की मुहिम सोलन जिला में रंग ला रही है।

इसी कड़ी में जिला समाहर्ता एवं डीसी सोलन राकेश कंवर ने  2016 से  मार्च 2017 के मध्य 1,000 करोड़ रुपये की 1450 बीघा भूमि हिमाचल प्रदेश सरकार में निहित करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रदेश काश्तकार एवं भू-सुधार अधिनियम 1972 की धारा 118 के अनुसार प्रदेश सरकार की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी गैर कृषक व्यक्ति को कृषि योग्य भूमि हस्तांतरित नहीं की जा सकती। 

ऐसे कसा शिकंजा
प्रदेश सरकार ने दिसंबर 2012 में सत्ता संभालते हुए यह वायदा किया था कि भूमि खरीदने के मामलों में हुए घोटालों को सामने लाया जाएगा। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। इस जांच दल ने सोलन जिले में बहुमूल्य भूमि से संबंधित अवैध हस्तांतरण एवं लेन-देन की शिकायतों की जांच की। सोलन जिले में पुलिस अधीक्षक सोलन की अगुवाई में गठित विशेष जांच दल ने प्रदेश काश्तकार अधिनियम की अवहेलना की शिकायतों की जांच की और रिपोर्ट जिला समाहर्ता सोलन को प्रेषित की।

पुलिस की जांच के अनुसार धारा 118 के उल्लंघन के कई मामले सामने आए जिनमें व्यक्ति, उद्योगपतियों एवं अन्यों ने या तो भूमि लेने के उद्देश्य के अनुरूप निर्धारित समय सीमा में प्रदेश सरकार से स्वीकृति लेने के उपरांत भूमि का उपयोग नहीं किया या अधिनियम का उल्लंघन कर भूमि अवैध तरीके से खरीदी थी।
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