बीआरओ के चीफ इंजीनियर जितेंद्र प्रसाद।
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अटल टनल के बाद अब शिंकुला दर्रे पर चार से पांच किमी लंबी सुरंग बनेगी। इसका निर्माण कार्य इसी साल शुरू कर दिया जाएगा। बीआरओ की योजक परियोजना रोहतांग सुरंग के चीफ इंजीनियर विशेष सेवा मेडल प्राप्त जितेंद्र प्रसाद ने कहा कि बीआरओ का अगला लक्ष्य शिंकुला जोत पर सुरंग बनाना है। इसके लिए बीआरओ ने योजक परियोजना का गठन किया है। जितेंद्र प्रसाद चीफ इंजीनियर का कार्यभार संभालने के बाद पहली बार पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सुरंग की डीपीआर अंतिम चरण में है। डीपीआर बनते ही योजक परियोजना शिंकुला पर सुरंग बनाने में जुट जाएगी। वहीं, बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) अटल सुरंग को लेकर जल्द ही संग्रहालय का निर्माण करने जा रहा है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरंग के शुभारंभ के दौरान कहा था कि इस महत्वपूर्ण सुरंग के निर्माण के बारे में देश का इंजीनियरिंग से जुड़ा छात्र अध्ययन करेगा।
चीफ इंजीनियर ने कहा कि सालभर में इंजीनियरिंग के 150 छात्र-छात्राओं ने अटल टनल के निर्माण की बारीकियों को जाना है। पर्यटकों की लगातार उमड़ती भीड़ से बीआरओ की सड़क छोटी पड़ने लगी है। बीआरओ मनाली से आगे सुरंग की ओर नेहरू कुंड से बाईपास डबललेन सड़क का निर्माण करेगा। जिसके लिए प्रदेश सरकार की भी मदद ली जा रही है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बाईपास का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। इसके निर्माण से पर्यटक बिना जाम से सुरंग को निहार सकेंगे। सुरंग के भीतर हो रहे सेरी नाले के रिसाब पर चीफ इंजीनियर ने कहा कि एनएचपीसी कंपनी के साथ एमओयू हो गया है। आगामी सर्दियों से पहले सेरी नाले के रिसाव की समस्या को दूर कर लिया जाएगा।