पढ़ाई में कमजोर नवीं से जमा दो कक्षा के बच्चों की एक्सट्रा क्लास लगेगी।
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अब सरकारी स्कूलों के पढ़ाई में कमजोर नवीं से जमा दो कक्षा के बच्चों की एक्सट्रा क्लास लगेगी। दसवीं और जमा दो कक्षा के परीक्षा परिणाम में आए खराब नतीजों के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।
सरकार के आदेशानुसार उच्च शिक्षा निदेशालय ने मंगलवार को एक्सट्रा क्लासिज लगाने के सभी जिला उपनिदेशकों को आदेश जारी कर दिए हैं। सभी स्कूलों में पढ़ाई में कमजोर बच्चों को चिन्हित कर जल्द से जल्द एक्सट्रा क्लासिज शुरू करने को कहा गया है।
स्कूल शुरू होने से पहले या बाद में विशेष कोचिंग देने की व्यवस्था होगी। एक्सट्रा क्लास का बच्चों से कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा। पढ़ाई में कमजोर सभी बच्चों को एक्सट्रा क्लास लगाना अनिवार्य किया गया है।
दसवीं के रिजल्ट में पिछड़ गए थे सरकारी स्कूल
दसवीं के परीक्षा परिणाम की बात करें तो 16 स्कूल फिसड्डी साबित हुए हैं। इन स्कूलों का रिजल्ट शून्य रहा है।
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दसवीं के परीक्षा परिणाम की बात करें तो 16 स्कूल फिसड्डी साबित हुए हैं। इन स्कूलों का रिजल्ट शून्य रहा है। दसवीं के 102 स्कूलों का परीक्षा परिणाम 20 प्रतिशत से कम रहा है। जमा दो कक्षा के परिणाम में तीन स्कूलों का रिजल्ट शून्य है।
24 स्कूलों का परिणाम 20 प्रतिशत से कम रहा है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 20 प्रतिशत से कम परिणाम रहने पर चिंता जताई है। शिक्षा निदेशालय को पढ़ाई में कमजोर बच्चों में सुधार लाने को कहा है।
26 मई को होने जा रही बैठक में मुख्यमंत्री शिक्षा विभाग से रिजल्ट खराब रहने के कारण भी पूछेंगे। ऐसे में शिक्षा निदेशालय ने बैठक से पहले मंगलवार को ही शिक्षा में सुधार लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
'इसी शैक्षणिक सत्र से पढ़ाई में कमजोर बच्चों को विशेष कोचिंग देने का फैसला लिया गया है। सभी स्कूलों में क्लासिज लगाई जाएंगी। बच्चों में सुधार लाने के लिए यह फैसला लिया गया है।' -दिनकर बुराथोकी, उच्च शिक्षा निदेशक