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अच्छी खबर: शहरों के बाद अब पंचायतों में भी घरद्वार से उठेगा कूड़ा

Mon, 18 Apr 2016 11:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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पंचायत से ही कर्मचारी को मासिक वेतन मिलेगा। यह वेतन ग्रामसभाएं निर्धारित करेंगी। - फोटो : Demo pic
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शहरों की तर्ज पर अब पंचायतों में भी लोगों के घरद्वार से कूड़ा एकत्र किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने पंचायतों को कूड़ा एकत्र करने के लिए शुल्क निर्धारित करने की शक्तियां दी हैं। ग्राम सभाओं में सर्वसहमति से कूड़ा एकत्र करने का शुल्क निर्धारित किया जाएगा।
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सरकार ने पंचायतों को साफ सुधरा बनाए रखने के लिए स्वच्छता अभियान के तहत यह फैसला लिया है। कूड़ा एकत्र करने के लिए पंचायतें अपने स्तर पर कर्मचारी की तैनाती करेंगी। यह कर्मचारी अस्थायी होगा और पंचायतों में पार्ट टाइम सेवाएं देगा।

कर्मचारी का सरकार से कोई लेना देना नहीं होगा। पंचायत से ही कर्मचारी को मासिक वेतन मिलेगा। यह वेतन ग्रामसभाएं निर्धारित करेंगी। कर्मचारी को वेतन घरों से कूड़ा एकत्र करने की एवज में वसूल की जानी वाली राशि से दिया जाएगा। गांव में कूड़ा नष्ट करने के लिए कूड़ेदान बनाए जाएंगे, जहां इसे डिस्पोज किया जा सकेगा।
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आत्म निर्भर होंगी पंचायतें
पंचायतें अपने आप को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खुद आय के साधन जुटा सकेंगी। पंचायतें अपने अधीन क्षेत्रों में दुकानें बनाकर उन्हें किराये पर दे सकती हैं। इससे होने वाली आय को विकास कार्यों में खर्च किया जा सकता है।

अभी शहरों में है गारवेज एकत्र करने की योजना
हिमाचल में अभी शहरी क्षेत्रों में ही गारवेज एकत्र करने की योजना है। इस योजना के तहत कूड़ा एकत्र करने की हर घर से 50 के करीब राशि वसूल की जाती है। अब इस योजना को ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू किया जा रहा है।

पंचायतों में डोर टू डोर गारवेज एकत्र करने के लिए पंचायतें अपने स्तर पर शुल्क निर्धारित कर सकेंगी। पंचायतों को इस बारे में दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। - अनिल शर्मा, पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री
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