हिमाचल में सरकारी नौकरी के लिए अब शुरू में ही चरित्र प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं होगी। एक निर्धारित प्रपत्र पर स्वघोषणा के बाद नियुक्ति पत्र मिल जाएगा। बाद में संबंधित विभाग अपने स्तर पर इसकी वेरिफिकेशन करेगा।
गलत घोषणा करने पर कर्मचारी का नियुक्ति पत्र रद्द होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण श्रीधर ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों-निगमों के प्रबंध निदेशकों, राज्य लोक सेवा आयोग, राज्य कर्मचारी चयन आयोग समेत तमाम सरकारी एवं स्वायत्त इकाइयों को सरकारी निर्देश जारी कर दिए हैं।
हिमाचल सरकार ने भारत सरकार के संशोधित निर्देश को राज्य सरकार के कर्मचारियों की नियुक्ति में लागू करने का निर्णय लिया है। इन निर्देशों के अनुसार उम्मीदवार का चरित्र सत्यापन बाद में किया जाएगा, लेकिन इस सत्यापन के लंबित होने की स्थिति में नियुक्ति पत्र पर रोक लगाने की जरूरत नहीं होगी।