इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला (आईजीएमसी) में अगले सप्ताह से मरीजों को 24 घंटे टेस्ट की सुविधा मिलेगी। इसके लिए अस्पताल प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। मरीजों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए अस्पताल परिसर में निजी लैब भी खोली जाएगी।
दोपहर 12 बजे के बाद भी अस्पताल में मरीज टेस्ट करवा सकेंगे। अस्पताल में पहले की तरह सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक टेस्ट होंगे। 12 बजे के बाद आने वाले मरीजों के टेस्ट निजी लैब में होंगे। अस्पताल के डाक्टरों द्वारा लिखी पर्ची के आधार पर ही निजी लैब टेस्ट करेगी।
निजी लैब में सरकार द्वारा तय की टेस्ट फीस ही ली जाएगी। जो टेस्ट अस्पताल में नहीं होते हैं उनकी फीस निजी लैब में मार्केट रेट से 40 फीसदी कम होगी। सरकार ने इस योजना को मंजूरी दे दी है। अब मरीजों को दोपहर 12 बजे के बाद टेस्ट करवाने के लिए निजी लैबों में नहीं भटकना पड़ेगा।
निजी लैब में मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए भारी भरकम फीस देनी पड़ती है। इसके चलते ही स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल परिसर में निजी लैब एसआरएल खोलने की तैयारी की है। इन दिनों लैब बनाने का काम जारी है। निजी लैब में दोपहर 12 बजे से लेकर अगले दिन सुबह 8 बजे तक टेस्ट होंगे।
निजी लैब का 330 टेस्ट करने का दावा
निजी लैब प्रबंधन ने 330 तरह के टेस्ट करने का दावा किया है। प्रबंधन का कहना है कि देश-दुनिया में होने वाली सभी टेस्ट उनकी लैब में होंगे। मरीजों की हर मदद की जाएगी। लैब खुलने से मरीजों को काफी हद तक राहत मिलेगी। वहीं रिपन अस्पताल और कमला नेहरू अस्पताल में पहले से चल रही है। इन दोनों अस्पतालों में मरीजों के 24 घंटे टेस्ट होते हैं।
हर माह 24 लाख होगी आय
अस्पताल में चार घंटे तक टेस्ट करने पर आईजीएमसी प्रबंधन को प्रतिमाह करीब 24 लाख रुपये की आय होगी। इस फीस को रोगी कल्याण समिति के खाते में डाला जाता है।