हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव में बुजुर्ग मतदाताओं को घर बैठे वोट डालने की सुविधा देने को लेकर असमंजस की स्थिति में है। आयोग इस व्यवस्था को लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। राज्य में पंचायतों के 22 हजार वार्डों में इस सुविधा को लागू करना प्रस्तावित है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को मतदान केंद्र तक आने में होने वाली परेशानी से राहत मिल सके। हालांकि, इस प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ, प्रशिक्षण और समय की आवश्यकता होगी। आयोग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि पंचायत चुनाव 31 मई से पहले संपन्न करवाए जाने हैं। ऐसे में सीमित समय के भीतर नई व्यवस्था लागू करना आसान नहीं माना जा रहा है। यही कारण है कि आयोग इस विषय पर विभिन्न स्तरों पर मंथन कर रहा है और सभी पहलुओं का गहन अध्ययन किया जा रहा है। यदि यह सुविधा लागू होती है तो बुजुर्ग और असहाय मतदाताओं के लिए यह एक बड़ी राहत साबित हो सकती है। वहीं, चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए भी आयोग को विशेष सतर्कता बरतनी होगी।