न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने इस मामले में नगर निगम शिमला को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी। वक्फ बोर्ड ने संजौली मस्जिद को गिराने के निगम कमिश्नर और जिला अदालत के फैसलों को याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि यह भवन 100 साल पुराना है। उन्होंने अदालत को बताया कि वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी ने स्वयं ऊपरी तीन मंजिलों को हटाने का वादा किया था, इसलिए इन्हें हटाना अनिवार्य है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो नगर निगम इन्हें गिराने के लिए स्वतंत्र होगा। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक निगम कमिश्नर के 5 अक्तूबर 2024 के आदेश की अनुपालना करने का आदेश दिया है। वक्फ बोर्ड ने बीते सप्ताह हाईकोर्ट में शिमला निगम कमिश्नर के आदेशों के खिलाफ रिट याचिका दायर की थी। शुक्रवार को कानून के प्रावधानों के अनुसार दायर न करने पर अधिवक्ता ने इसे वापस लेकर नए सिरे से दाखिल करने की अनुमति मांगी थी। जिला अदालत ने बीते 30 अक्तूबर को कमिश्नर कोर्ट का फैसला सही ठहराया और पूरी मस्जिद गिराने के आदेश दिए थे।