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Shimla News: रेत-मलबे के ढेर ही नहीं, सड़कों पर टंकी और गमलों से जमा दिए कब्जे

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संकरी सड़कों पर रखे हैं गमले और टंकियां, आम लोगों को पैदल चलने में हो रही है परेशानी
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कई जगह महीनों से सड़क किनारे पड़े हैं मलबे के ढेर
जिला प्रशासन को नहीं दिखाई देती जनता की परेशानी

अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी की कई सड़कों पर रेत और मलबे के ढेर ही नहीं बल्कि पानी की टंकियां तथा गमले रखकर भी लोग कब्जे जमा रहे हैं। इससे पैदल चलने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
संकरी सड़कों के किनारे हो रहे कब्जों से लोगों के पैदल चलने तक की जगह नहीं बच रही है। शहर के जाखू वार्ड में हॉलीलाज के पास सड़क पर ही पानी की टंकियां और गमले रखे हैं। यह सड़क पहले ही काफी संकरी है। सड़क किनारे जो जगह पैदल चलने के लिए है, वहां अब टंकियां और गमले सजे हैं। टंकी नगर निगम ने रखी है। इससे लोग खासकर स्कूली बच्चे परेशानी झेल रहे हैं। गाड़ियों की आवाजाही होते ही संकरी सड़क के किनारे बच्चों के खड़े होने तक की जगह नहीं बच रही। समरहिल वार्ड में जगह-जगह सड़क किनारे मलबे के ढेर लगे हैं। चैली मोड़ पर निर्माण सामग्री फेंकी है। ढली से मशोबरा तक की सड़क के किनारे भी जगह जगह मलबा डंप किया है। इससे आए दिन यातायात जाम लग रहा है। मैहली चौक के पास ही सड़क किनारे मलबा, पत्थर और निर्माण सामग्री फेंकी जा रही है। पुलिस पोस्ट के ठीक बगल में सड़क किनारे यह डंपिंग हो रही है। इससे सड़क संकरी हो गई है और यातायात जाम भी लग रहा है। मंगलवार को भी मौके पर पत्थर और बजरी रखे थे। इससे चंद मोड़ आगे चैली के पास भी सड़क पर रेत और बजरी के ढेर लगे हैं। कसुम्पटी, खलीनी और कनलोग वार्डाें में भी एंबुलेंस सड़कों पर निर्माण सामग्री और पत्थरों के ढेर लगे हैं।
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किससे करें शिकायत, कोई हेल्पलाइन नहीं
शहर में सड़कों और रास्तों पर निर्माण सामग्री फेंकने वालों और कब्जे करने वालों के खिलाफ सरकारी महकमे कार्रवाई नहीं कर रहे। इनके अलावा ऐसी कोई हेल्पलाइन सेवा भी नहीं है जिन पर लोग शिकायत दे सकें। लोक निर्माण विभाग का दावा है कि शिकायत मिलने पर निर्माण सामग्री हटाई जाती है। अधिशासी अभियंता नवीन कौंडल ने बताया कि चालान की शक्तियां विभाग के पास नहीं है लेकिन जब शिकायत आती है तो टीम मौके पर भेजी जाती है।
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पुलिस को भेज रहे हैं शिकायतें
शहरभर से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं। सड़कों पर निर्माण सामग्री फेंकने के बाद इसे समय पर नहीं उठाया जा रहा। ऐसे मामले कार्रवाई के लिए पुलिस को भेजे जा रहे हैं। लोग अपने पार्षदों या सीधे मुझे फोटो सहित शिकायतें भेज सकते हैं। सड़क, फुटपाथ पर कोई दिक्कत आ रही है तो उसे तुरंत दूर किया जाएगा।
-सुरेंद्र चौहान, महापौर नगर निगम शिमला
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