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BSL Project: हिमाचल पुलिस नहीं अब सीआईएसएफ संभालेगी बीएसएल परियोजना की सुरक्षा, केंद्रीय ने जारी किए आदेश

Sun, 04 Jun 2023 12:04 PM IST
Krishan Singh बलविंद्र सोढ़ी, संवाद न्यूज एजेंसी, सुंदरनगर (मंडी)

सार

प्रदेश के सुंदरनगर स्थित 990 मेगावाट की बीएसएल परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के हवाले होगी। परियोजना के निर्माण से अब तक यानी चार दशक तक सुरक्षा व्यवस्था हिमाचल प्रदेश पुलिस के हवाले थी। 
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बीएसएल परियोजना - फोटो : संवाद
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 हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर स्थित 990 मेगावाट की बीएसएल परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के हवाले होगी। परियोजना के निर्माण से अब तक यानी चार दशक तक सुरक्षा व्यवस्था हिमाचल प्रदेश पुलिस के हवाले थी। मगर अब केंद्र सरकार ने परियोजना की सुरक्षा को और चाकचौबंद करने का फैसला लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था संभालने को लेकर सीआईएसएफ को तैनात करने की मंजूरी देने के साथ ही औपचारिकताएं पूरी करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

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इसके बाद अब सीआईएसएफ ने बीएसएल परियोजना प्रबंधन को सुरक्षा विंग के 235 पदों के लिए प्रति व्यक्ति 2,65,500 रुपये के हिसाब से 6 करोड़ 23 लाख, 92 हजार 500 रुपये सुरक्षा जमा राशि के रूप में जमा करवाने को कहा है। इसके अलावा सीआईएसएफ ने बीएसएल परियोजना में बल की तैनाती और जवानों के लिए आवास (परिवार और एकल), परिवहन, संचार उपकरण, सुरक्षा गैजेट सहित अन्य बुनियादी को पूरा करने के लिए भी कहा है, ताकि स्वीकृत पदों पर जवानों को तैनाती हो सके और सीआईएसएफ को जल्द से जल्द सुरक्षा में शामिल किया जा सके।

पंडोह से सलापड़ तक रहेगा सुरक्षा दायरा
990 मेगावाट की बीएसएल परियोजना के सलापड़ स्थित पावर हाउस में बिजली बनाने के लिए टरबाइनों तक ब्यास का पानी पहुंचाया जाता है। इसके लिए पंडोह में व्यास नदी पर बांध बनाया गया है। जहां से बग्गी तक 12 किलोमीटर भूमिगत टनलों के माध्यम से और वहां से 13 किलोमीटर लंबी खुली नहर के माध्यम से सुंदरनगर जलाशय तक ब्यास का पानी पहुंचता है। सुंदरनगर जलाशय में पानी का भंडारण करने के बाद मांग अनुसार पानी सलापड़ में देहर पावर हाउस तक पहुंचाने के लिए 13 किलोमीटर लंबी टनल बनाई गई है। आधुनिक तकनीकी के जमाने में भी हिमाचल प्रदेश पुलिस अब तक सिर्फ राइफलों के माध्यम से ही परियोजना की सुरक्षा करती रही है। मगर अब सीआईएसएफ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए पंडोह डैम, बग्गी टनल, बग्गी से सुंदरनगर तक टेल कंट्रोल, ड्रेजर, जलाशय से लेकर पुंघ टनल और सलापड़ में पावर हाउस की सुरक्षा देखेगी।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लिया फैसला
बीएसएल परियोजना की सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार अब सीआईएसएफ देखेगी। सीआईएसएफ ने इसके लिए 235 पद भी मंजूर कर दिए हैं। जल्द ही आधिकारिक तौर पर सीआईएसएफ हिमाचल प्रदेश पुलिस के स्थान पर परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी।- संजय श्रीवास्तव, चेयरमैन, बीबीएमबी

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