हिमाचल में हजारों तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को सरकारी विभागों ने जोरदार झटका दिया है। ये वर्कचार्ज का फायदा मिलने की उम्मीद में थे लेकिन इन्हें यह अब नसीब नहीं होगा। वर्कचार्ज कार्यकाल के तहत प्रदेश भर के करीब तीन हजार कर्मचारियों को न तो एरियर मिलेगा और न ही अन्य लाभ मिलेंगे।
यह लाभ केवल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ही दिया जा रहा है। ये कर्मचारी आईपीएच, लोक निर्माण, कृषि, बागवानी, वन और अन्य महकमों में तैनात हैं। 2003 से अब तक वर्कचार्ज लाभ नहीं दिए जाने का मामला लेकर ये तृतीय श्रेणी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हाईकोर्ट गए थे।
हाईकोर्ट से कर्मचारियों को यह लाभ देने के पक्ष में फैसला आने के बाद सरकार ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।
सिर्फ इन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की इन याचिकाओं को खारिज कर कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया था। अब जब इस लाभ को देने की बारी आई तो सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों ने यह फैसला लिया है कि यह लाभ केवल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ही दिया जाएगा।
इसकी वजह यह कि तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के लिए वर्कचार्ज स्थापना को 19 जून 2001 को खत्म कर दिया गया था और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए इसे 12 दिसंबर 2005 को ही खत्म किया गया था।
विभागों ने ये आदेश जारी किए हैं कि जो कर्मचारी इन तिथियों से पहले ही आठ साल पूरा कर चुके हैं, उन्हें ही यह लाभ दिया जाएगा। 2003 तक आठ साल पूरा कर चुके दैनिक वेतनभोगियों को वर्कचार्ज लाभ पहले ही दिया जा चुका है, इसलिए बाकी कर्मचारी इसके लिए पात्र नहीं हैं।
कोर्ट पहुंचे कर्मचारी
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश के खिलाफ विभाग के कर्मचारी फिर से हाईकोर्ट चले गए हैं। हाईकोर्ट में विभाग के तृतीय श्रेणी कर्मचारी सर्वेयर दरबारी लाल ने इस संबंध में अवमानना याचिका दायर की है।
यह याचिका हाईकोर्ट के उस फैसले के मद्देनजर की गई है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है। यह जानकारी देते हुए कर्मचारियों की ओर से इस मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता अश्वनी कुमार गुप्ता ने दी है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने इस मामले में सरकार से जवाब तलब किया है।
कार्मिक विभाग के प्रधान सचिव एसकेबीएस नेगी का कहना है कि वर्कचार्ज लाभ लेने का यह मामला विभाग अपने स्तर पर देख रहे हैं। इसमें सरकार के कार्मिक विभाग की कोई भूमिका नहीं है। वहीं आईपीएच विभाग के प्रमुख अभियंता आरके शर्मा का कहना है कि वर्कचार्ज लाभ देने के लिए विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। कोर्ट के फैसले के बाद ही ऐसा किया गया है। वर्कचार्ज स्थापना तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के लिए 2001 में ही खत्म हो गई थी।