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Shimla News: हड़ताल पर चल रहे जिला परिषद कर्मचारियों पर नो वर्क नो पे नियम लागू

Tue, 10 Oct 2023 05:59 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

 सरकार ने संबंधित जिलों के एडीएम के माध्यम से हड़ताली कर्मियों को काम पर लौटने को लेकर नोटिस जारी किए थे बावजूद इसके कर्मी काम पर नहीं लौटे। इसके बाद सरकार ने सख्त कार्रवाई करने का फैसला लिया है।
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पंचायती राज विभाग - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हड़ताल पर चल रहे जिला परिषद कैडर कर्मियों पर सरकार ने नो वर्क नो पे का नियम लागू कर दिया है। बीते 11 दिन से जिला परिषद कैडर कर्मी हड़ताल पर हैं। जब तक यह कर्मी हड़ताल पर रहेंगे, इन्हें वेतन नहीं मिलेगा। सरकार ने संबंधित जिलों के एडीएम के माध्यम से हड़ताली कर्मियों को काम पर लौटने को लेकर नोटिस जारी किए थे बावजूद इसके कर्मी काम पर नहीं लौटे। इसके बाद सरकार ने सख्त कार्रवाई करने का फैसला लिया है। पंचायती राज विभाग के निदेशक रुगवेद मिलिंद ठाकुर ने हड़ताली जिला परिषद कर्मियों पर नो वर्क नो पे लागू करने की पुष्टि की है।

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जिला परिषद कैडर के कर्मचारी पंचायतीराज विभाग में विलय की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। प्रदेश के 88 विकास खंडों में सेवाएं दे रहे करीब 4,700 कर्मियों के हड़ताल पर जाने से पंचायत स्तर पर विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जिला परिषद कैडर कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष राजेश ठाकुर का कहना है कि लंबे समय से कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन सरकार हमें अपना कर्मचारी मानने के लिए ही तैयार नहीं है। कर्मियों का पंचायतीराज विभाग में विलय होना चाहिए, ताकि अन्य कर्मचारियों की तरह लाभ मिल सकें। जब तक मांगें पूरी नहीं होती, काम पर नहीं लौटेंगे।

राजस्व विभाग अंशकालीन कर्मियों के साथ सौतेला व्यवहार
राजस्व विभाग में कार्यरत पटवार वृत्त अंशकालीन कर्मियों को सात साल की सेवाएं पूरी होने के बाद भी दैनिक भोगी घोषित करने की अधिसूचना जारी न होने पर राजस्व अंशकालीन कर्मचारी संघ ने कड़ी नाराजगी जताई है। संघ के प्रदेश महामंत्री किशोर चुंटा ने कहा है कि फरवरी 2016 में किन्नौर में प्रत्येक पटवार वृत्त में अंशकालीन कर्मचारी नियुक्त किए गए थे। 31 मार्च 2023 को इनका सात वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है, लेकिन सरकार इन कर्मियों को दैनिक वेतन भोगी होने की अधिसूचना जारी नहीं कर रही। दूसरी और भू व्यवस्था अभिलेख निदेशालय में तैनात अंशकालीन कर्मचारी को सात वर्ष पूर्ण होने के बाद दैनिक वेतन भोगी के दायरे में लाया गया है। सरकार अंशकालीन कर्मियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। संघ ने सरकार से 7 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके अंशकालीन कर्मियों को दैनिक भोगी के दायरे में शामिल करने की मांग की है।

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