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छात्र संघ चुनावों पर सीएम वीरभद्र ने दिया बड़ा बयान

Sat, 09 Apr 2016 09:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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एनएसयूआई के स्थापना दिवस समारोह में पहुंचे सीएम वीरभद्र सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि जब तक कैंपस में माहौल हिंसा मुक्त नहीं हो जाता, तब तक विवि और कॉलेजों में प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव नहीं होंगे। मेरिट के आधार पर ही एससीए का गठन होगा। उन्होंने कहा कि कॉलेजों में यूजी में लागू सीबीसीएस को रोल बैक नहीं किया जाएगा। इसमें पेश आ रही परेशानी और खामियों को दूर किया जाएगा, सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
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शनिवार को एचपीयू में आयोजित एनएसयूआई के 45वें स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिंसा के कारण हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय देश भर में बदनाम हुआ है, इसलिए परिसरों में हिंसा किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी। शिक्षकों को भी उन्होंने साफ हिदायत दी कि वे गरिमा को समझें, यदि कोई शिक्षक हिंसा को बढ़ावा देने की गतिविधियों में पाया गया तो उसे बाहर किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने धूमल के बयान पर पलटवार किया कि वे पता नहीं कौन सी किताब के आंकड़े बता रहे हैं, किसानों को सब्सिडी दी जा रही है। केंद्र की योजनाओं का जब पैसा आएगा तो ही वे आगे सब्सिडी दे पाएंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार पर लगे कर्ज लेने के आरोपों पर कहा कि केंद्र और प्रदेशों की सभी सरकारें कर्ज लेती है, उसे वापस भी करती है। इसमें कुछ नया नहीं है, सरकारें ऐसे ही चलती हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि वे छात्र राजनीति के खिलाफ नहीं है, मगर अनुशासन में रहकर हो, परिसरों में हिंसा न हो। उन्होंने कहा कि कम्यूनिस्ट और सोशलिस्ट होना फैशन हो गया है। मैं स्वयं लेफ्टिस्ट था, इंडो सोवियत सोसायटी का लगातार अध्यक्ष रहा। छात्रों को चाहिए कि वे जोश में होश न खोएं। अपने विवेक से काम लें।

परिसर में शांति, आपसी भाईचारा बनाए रखें।  प्रेम सहयोग और भाईचारे से ही देश आगे बढ़ता है। विश्वविद्यालय हिंसा नहीं ज्ञानवर्धन का स्थान है। विचार अलग हो सकता है, मगर वन बॉडी, वन माइंड और वन थॉट को फॉलो कर परिसरों में शांति बनाए रखें। उन्होंने कहा कि मेरे लिए पूरा हिमाचल एक है, इसे बांटने वालों के मैं खिलाफ हूं,। हमारा प्रदेश एक है, देश एक है और राष्ट्रीय ध्वज एक है।  

 

मजाकिया लहजे में बोले सीएम, लाइब्रेरी आंखें लड़ाने की जगह नहीं

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह - फोटो : फाइल फोटो
विवि सभागार में हुए एनएसयूआई के स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने छात्रों से कहा कि वे पुस्तकालयों का अधिक इस्तेमाल करें। मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी आंखें लड़ाने की जगह नहीं होती..., छात्र किताबों को पढ़ें, उन्होंने राजधानी शिमला में जल्द सेंट्रल लाइब्रेरी बनाए जाने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि इसमें इस ऐतिहासिक शहर में उपलब्ध पुरानी बहुमूल्य किताबों को रि-प्रिंट कर उपलब्ध करवाया जाएगा। छात्र सिर्फ सिलेबस की किताबें न पढ़ कर हर तरह की किताबों को पढ़ कर ज्ञान बढ़ाएं। सिर्फ इम्तिहान तक पुस्तकालय में पढ़ने का चलन न रखें। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि सभी फर्स्ट डिवीजन में पास हों, एक डंडे के साथ दो भी चलेगा, मगर तीन डंडे यानी थर्ड डिवीजन में पास न हो।

क्लास में पढ़ाई जानी चाहिए आजादी के बाद के भारत की उपलब्धियां- मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोधी दल बताएं कि आजादी की लड़ाई में वो लोग कहां थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से अहिंसा के मार्ग पर चली, महात्मा गांधी, सरदार पटेल, जवाहर लाल नेहरू सहित सभी नेताओं ने प्रेम से सभी धर्मों के लोगों को साथ लेकर आजादी प्राप्त की।

उसके बाद मिलकर देश का विकास किया। आजादी के बाद देश के विकास की कहानी क्लास और पाठ्यक्रमों में पढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने देश में शांति सर्वधर्मसंभाव से देश को विकास की राह पर ले जाने के इतिहास के बारे में भी बताया। उन्होंने एनएसयूआई को कांग्रेस विचारधारा को लेकर चलने वाला संगठन करार दिया।
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नशा मुक्ति पर मुनिश द्वारा किए अभिनय ने सबकों किया हैरान

एनएसयूआई
विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित एनएसयूआई के 45वें स्थापना दिवस समारोह में  मुख्यातिथि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने छात्र संगठन कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने शांति और अहिंसा के मार्ग पर चलकर कार्य करने की बात कही। एनएसयूआई के राज्य अध्यक्ष रिंपल चौधरी, विवि इकाई अध्यक्ष हुक्म सिंह सहित अन्य छात्र नेताओं ने मुख्यातिथि का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।

विवि के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी और विवि के अन्य अधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया।  इस समारोह में युवा निदेशक और रंगकर्मी मुनीश शर्मा ने नशा मुक्ति पर किए नाटक में अपनी अदाकारी का कमाल दिखाकर सबको दंग कर दिया। इसमें उन्होंने एक नशे से बर्बाद हुए युवक की कहानी को बयां किया कि किस तरह से वह नशे का आदी हा कर नशे के लिए अपनी मां तक का खून कर देता है।

अभिनय देख सब भावुक हो गए। कार्यक्रम में पंजाबी युवा गायक वायस ऑफ पंजाब अनंत पाल ने तू सुरमा पा के..., की बणु दुनिया दा... जैसे मस्ती भरे गीतों पर पूरे सभागार में मौजूद दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। छात्रा कलाकारों के समूह ने नए पुराने

फिल्मी गीतों पर डांस पेश किया तो, विवि के यूआईआईटी के तीन छात्रों ने भी मनमोहक डांस आइटम पेश की। अंत में पहाड़ी गायिका गीता भारद्वाज ने चर्चित पहाड़ी गीत गाकर धमाल मचाया। देर शाम तक चले इस सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंत में सभी मौजूद अतिथियों और कार्यकर्ताओं ने पंजाबी, हिंदी और पहाड़ी गीतों पर जमकर डांस किया।
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