हिमाचल ने मोदी सरकार को सात में से पांच भाजपा सांसद दिए, मगर वे हिमाचल के लिए आम बजट में विशेष प्रावधान करवा पाने में नाकामयाब साबित हुए। चुनावी वर्ष में मोदी सरकार के ताकतवर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगतप्रकाश नड्डा भी अपना दमखम नहीं दिखा पाए। केंद्र सरकार के पहले संयुक्त आम बजट में हिमाचल के लिए कुछ खास नहीं मिल पाया है।
प्रदेश सरकार को न तो कोई बजट मिला और न ही नई रेललाइन ही मिली। पुरानी योजनाओं पर भी बजट खामोश है। वर्तमान में हिमाचल से लोकसभा के चारों सांसद भाजपा के हैं। ये कांगड़ा से शांताकुमार, हमीरपुर से अनुराग ठाकुर, शिमला से वीरेंद्र कश्यप और मंडी से रामस्वरूप शर्मा हैं।
राज्यसभा में भी एक भाजपा सांसद हिमाचल से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगतप्रकाश नड्डा हैं, जो प्रदेश में इस साल के अंत में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के मद्देनजर काफी सक्रियता दिखाए हुए हैं। इन सबकी तरफ से हिमाचल के लिए बेशक अनेक योजनाओं के प्रस्ताव केंद्र सरकार को दिए गए हों, मगर इन पर गौर नहीं हो पाया। प्रदेश के लिए अलग से कोई घोषणा करवाने में हिमाचल से संसद के ये सभी प्रतिनिधि सफल नहीं हो पाए।
जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर राज्यों के लिए कृषि पैकेज, हिमाचल की अनदेखी
जम्मू-कश्मीर और पूर्वी राज्यों के लिए मोदी सरकार के इस बजट में किसानों के लिए विशेष कृषि पैकेज देने की बात हुई है, मगर विशेष श्रेणी राज्य होने के नाते इसमें न तो हिमाचल और न ही उत्तराखंड को शामिल किया गया है। इस पैकेज में लिए राज्यों के किसानों को विशेष कृषि ऋण मिलेगा।
पूरे देश के लिए हुई इन घोषणाओं का हो सकता है लाभ
पूरे देश के लिए हुई कई घोषणाओं का लाभ हिमाचल को भी हो सकता है। ये पांच लाख रुपये तक का टैक्स देने वालों को पांच फीसदी छूट, सैनिकों के लिए रेल टिकटों को ऑनलाइन जमा करवाने से लाइन में खड़े होने की छूट, कृषि मंडियों को ग्रेडिंग-
पैकिंग का बजट देने, बुजुर्गों के लिए आधार आधारित स्मार्ट कार्ड योजना में स्वास्थ्य संबंधी ब्योरा दर्ज करने, देश भर के 600 से ज्यादा जिलों में कौशल विकास केंद्र बनाने, डेढ़ लाख स्वास्थ्य उपकेंद्रों को स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती केंद्रों में बदलने, मनरेगा में बजट और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने जैसी योजनाएं हैं।
आयकर में छूट से सूबे के करीब आठ लाख लोगों को फायदा
वित्तमंत्री अरुण जेटली
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केंद्र सरकार के साल 2017-18 के आम बजट में भले ही हिमाचल की झोली में अभी तक सीधे तौर पर कुछ न आया हो, लेकिन आयकर में पांच प्रतिशत की छूट से प्रदेश के करीब आठ लाख ऐसे लोगों को फायदा होगा जिनकी आय ढाई से पांच लाख के बीच है। इनमें सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारी-अधिकारी, पेंशनर्स, कारोबारी आदि शामिल हैं।
सीए सचिन डोगर कहते हैं कि पांच लाख रुपये तक की आय वाले कर दाताओं के लिए सीधे तौर पर पांच प्रतिशत टैक्स में कमी फायदा देगी। 50 करोड़ से कम टर्नओवर वाली कंपनियों के टैक्स में भी पांच प्रतिशत की कमी से हिमाचल के छोटे उद्योगों को फायदा मिलेगा।
केंद्र ने सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों के लिए ऑनलाइन रेलवे टिकट बुक करने की सुविधा देकर हिमाचल के लाखों लोगों को फायदा पहुंचाया है। प्रदेश के लाखों पेंशनर्स और सीनियर सिटीजन के लिए आधार आधारित स्मार्ट कार्ड से फायदा होगा। रक्षा पेंशनर्स के लिए भी वेब आधारित पेंशन संवितरण प्रणाली स्थापित होने से हिमाचल के लाखों रक्षा पेंशनर्स को पेंशन प्राप्त करने में आसानी होगी।