हिमाचल के कई उच्च शिक्षण संस्थानों को केंद्र सरकार से मिलने वाली रूसा ग्रांट बंद हो सकती है। जो संस्थान ग्रांट लेने के लिए कतार में हैं, उन्हें भी इससे हाथ धोना पड़ सकता है। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने देश के सभी विश्वविद्यालयों और कालेजों से आल इंडिया सर्वे आफ हायर एजूकेशन के तहत साल 2014 और 2015 की जानकारियां अपलोड करने को कहा था लेकिन हिमाचल के कई संस्थानों ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई है।
केंद्रीय मंत्रालय ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए हिमाचल को चेतावनी जारी करते हुए 28 फरवरी से पहले जानकारी देने का मौका दिया है। उधर, उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने सभी विश्वविद्यालयों, कालेजों, तकनीकी शिक्षण संस्थानों सहित अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के नोडल अफसरों को निर्धारित समय से पूर्व जानकारी देने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जानकारी न देने से रूसा ग्रांट प्रभावित हो सकती है।
ऑल इंडिया सर्वे आफ हायर एजूकेशन को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने 21 दिसंबर 2015 को नई दिल्ली में लांच किया था। इसके तहत हिमाचल में उच्च शिक्षण संस्थानों को चार जनवरी और 19 जनवरी को जानकारी दी गई। शिक्षा निदेशालय में इसको लेकर वर्कशाप भी हुई। दो फरवरी को शिक्षा निदेशालय ने रिमाइंडर लैटर भी संस्थानों को भेजा। इसके बावजूद कई संस्थानों ने जानकारी अपलोड नहीं की।
इसी कड़ी में 17 फरवरी को अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक के माध्यम से सभी शिक्षण संस्थानों को स्पष्ट आदेश दिए गए कि 28 फरवरी से पूर्व जानकारी मुहैया करवाई जाए। शिक्षण संस्थानों से परीक्षा परिणाम, शिक्षकों, विद्यार्थियों की संख्या, संस्थानों में दी जा रही मूलभूत सुविधाओं की सूची, आवासीय स्थिति सहित कई अन्य जानकारियां मांगी गई है।