प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उड़ान योजना के तहत राजधानी शिमला का जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट आम लोगों को सस्ती हवाई सेवा देने का प्रतीक बना था। हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज में सफर करे, यह नारा यहां कुछ समय के लिए साकार भी हुआ लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि अब सूट-बूट वाले भी इस एयरपोर्ट से दूर हो गए हैं। जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट में छह माह से उड़ानें बंद पड़ी हैं। एयरपोर्ट के टर्मिनल के टिकट काउंटर खाली हैं, वेटिंग एरिया में सन्नाटा है और रनवे पर खड़े रहने वाले विमान अब सिर्फ यादों में हैं। सितंबर 2025 के बाद से यहां कोई जहाज नहीं उतरा है। स्थानीय कर्मचारी बताते हैं, पहले हर फ्लाइट के समय हलचल रहती थी। अब पूरा दिन ऐसे ही गुजर जाता है। जुब्बड़हट्टी से दिल्ली, धर्मशाला और अमृतसर के लिए उड़ानें बंद होने का असर सिर्फ यात्रियों तक सीमित नहीं है। इसका सीधा असर शिमला की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है।