फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla: छह माह से नहीं उतरा विमान, जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट वीरान, पर्यटन कारोबार पर पड़ रहा असर

Sat, 04 Apr 2026 11:40 AM IST
Krishan Singh अनिमेष कौशल, शिमला।

सार

 हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज में सफर करे, यह नारा यहां कुछ समय के लिए साकार भी हुआ लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि अब सूट-बूट वाले भी इस एयरपोर्ट से दूर हो गए हैं।
विज्ञापन
जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उड़ान योजना के तहत राजधानी शिमला का जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट आम लोगों को सस्ती हवाई सेवा देने का प्रतीक बना था। हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज में सफर करे, यह नारा यहां कुछ समय के लिए साकार भी हुआ लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि अब सूट-बूट वाले भी इस एयरपोर्ट से दूर हो गए हैं। जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट में छह माह से उड़ानें बंद पड़ी हैं। एयरपोर्ट के टर्मिनल के टिकट काउंटर खाली हैं, वेटिंग एरिया में सन्नाटा है और रनवे पर खड़े रहने वाले विमान अब सिर्फ यादों में हैं। सितंबर 2025 के बाद से यहां कोई जहाज नहीं उतरा है। स्थानीय कर्मचारी बताते हैं, पहले हर फ्लाइट के समय हलचल रहती थी। अब पूरा दिन ऐसे ही गुजर जाता है।  जुब्बड़हट्टी से दिल्ली, धर्मशाला और अमृतसर के लिए उड़ानें बंद होने का असर सिर्फ यात्रियों तक सीमित नहीं है। इसका सीधा असर शिमला की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है।

विज्ञापन
Trending Videos

ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन पॉल बताते हैं कि पहले वीकेंड पर फ्लाइट से आने वाले पर्यटक ज्यादा खर्च करते थे। अब वह कम हो गए हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। स्थानीय टैक्सी चालक भी मायूस हैं। चालक रमन कुमार ने बताया कि एयरपोर्ट से शहर तक की सवारी हमारी कमाई का बड़ा जरिया थी जो अब खत्म हो गया है।  यहां एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया के करीब 20 अधिकारी और कर्मचारी नियुक्त हैं। 60 सुरक्षा कर्मी भी तैनात हैं। वहीं राजधानी शिमला के उपनगर संजौली से 21 जनवरी 2026 से हेली टैक्सी सेवा शुरू होने के बाद से जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट में पूरी तरह से सन्नाटा छाया हुआ है।
विज्ञापन

संजौली हेलीपोर्ट को केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद आधिकारिक तौर पर हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए खोल दिया है। हेरिटेज एविएशन और पवन हंस लिमिटेड यहां से हेली टैक्सी सेवाएं दे रही हैं। हेरिटेज एविएशन शिमला के संजौली हेलीपोर्ट से रिकांगपिओ और कुल्लू रूट पर सेवाएं दे रही है जबकि पवन हंस लिमिटेड चंडीगढ़-शिमला रूट पर सेवाएं दे रही है। उड़ान योजना के तहत यह सेवाएं शुरू की गई है। हेली टेक्सी सेवा के संचालन का 80 फीसदी खर्च केंद्र और 20 फीसदी प्रदेश सरकार वहन करेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें