संस्थान की तय होगी जवाबदेही
ऐसे विषयों को एलओसी (लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स) में भी शामिल नहीं किया जा सकेगा। विभाग का कहना है कि इससे विद्यार्थियों को भविष्य में परीक्षा, प्रमाणपत्र और मान्यता से जुड़ी परेशानियों से बचाया जा सकेगा। निदेशालय ने सभी स्कूल प्रमुखों को सीबीएसई संबद्धता उप-नियम 2018 और परीक्षा उप-नियम 1995 का अक्षरश: पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नियमों की अनदेखी होने पर संबंधित स्कूल प्रमुख और संस्थान की जवाबदेही तय की जाएगी। इसके साथ ही सभी संकायों के विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा, कार्यानुभव और सामान्य अध्ययन का आंतरिक मूल्यांकन अनिवार्य रहेगा।
11वीं-12वीं कक्षा के विषयों का नया फॉर्मूला
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निदेशालय ने सीबीएसई से संबद्ध सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में 11वीं और 12वीं कक्षा के विषय चयन की एक समान व्यवस्था मिलेगी। साइंस संकाय में अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान अनिवार्य होंगे। गणित या जीव विज्ञान में से एक विषय चुनने का विकल्प रहेगा। इसके अलावा मनोविज्ञान, शारीरिक शिक्षा, ललित कला, संगीत, इंफॉर्मेटिक्स प्रैक्टिसेज (आईपी) और विभिन्न स्किल विषय उपलब्ध रहेंगे। कॉमर्स में अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, लेखांकन और व्यवसाय अध्ययन मुख्य विषय होंगे। विद्यार्थी एप्लाइड मैथ्स, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, शारीरिक शिक्षा, संगीत, कला और स्किल विषयों में से चयन कर सकेंगे। आर्ट्स में अंग्रेजी के साथ हिंदी या अर्थशास्त्र तथा इतिहास या गणित का संयोजन रहेगा। भूगोल, राजनीतिक विज्ञान, समाजशास्त्र, गृह विज्ञान, संगीत, शारीरिक शिक्षा और स्किल विषय भी विकल्प के तौर पर उपलब्ध होंगे।