हिमाचल प्रदेश का कुल कर राजस्व पांच साल में करीब दोगुना हो गया है। वर्ष 2020-21 में प्रदेश का कुल कर राजस्व 12,837.23 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 23,453.24 करोड़ रुपये हो गया। इस अवधि में कर राजस्व में करीब 83 फीसदी की वृद्धि हुई है। राज्य वित्त लेखापरीक्षा रिपोर्ट में यह स्थिति सामने आई है। रिपोर्ट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने तैयार की है। हालांकि, प्रदेश अपने स्वयं के कर राजस्व का बजट लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया। वर्ष 2024-25 में अपने करों से 15,100.68 करोड़ रुपये जुटाने का बजट अनुमान था, जबकि वास्तविक प्राप्ति 12,772 करोड़ रुपये रही। इस तरह प्रदेश बजट लक्ष्य से 2,328.68 करोड़ रुपये पीछे रहा। लक्ष्य की 84.57 फीसदी ही प्राप्ति हो सकी। संशोधित अनुमान 13,526.31 करोड़ रुपये के मुकाबले उपलब्धि 94.42 फीसदी रही।