नितिन ने बताया कि दलाईलामा के आवास के नजदीक पहुंचकर ही उन्हें इतना सुकून मिला कि उनकी लंबी यात्रा की थकान एक पल में दूर हो गई। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी खत्म होने के बाद वह दलाईलामा के दर्शनों को एक बार फिर आएंगे।
साइकिल और पैदल विश्व भ्रमण पर निकले पुणे के नितिन सोनावाने 46 देशों की यात्रा करने के बाद शनिवार को मैक्लोडगंज पहुंचे। बौद्ध धर्म के प्रति जुड़ाव और विश्व भ्रमण के दौरान तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा के आकर्षण के चलते यहां पहुंचे हैं। मैक्लोडगंज में नितिन ने दलाईलामा के आवास के बाहर तस्वीरें भी लीं। हालांकि, कोरोना के चलते दलाईलामा ने खुद को आइसोलेट किया है।
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ऐसे में नितिन उनसे मुलाकात नहीं कर पाए। नितिन ने बताया कि दलाईलामा के आवास के नजदीक पहुंचकर ही उन्हें इतना सुकून मिला कि उनकी लंबी यात्रा की थकान एक पल में दूर हो गई। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी खत्म होने के बाद वह दलाईलामा के दर्शनों को एक बार फिर आएंगे। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को यादगार बनाने के लिए 2016 में वर्धा के सेवाग्राम आश्रम से 18 नवंबर, 2016 में विश्व भ्रमण शुरू किया था।
इस सफर में अब तक वह 46 देशों की यात्रा कर चुके हैं। नितिन अमेरिका, चीन, जर्मनी, इंग्लैंड, पुर्तगाल, साउथ अफ्रीका जैसे देशों में घूमकर वहां के कॉलेंजों-विश्वविद्यालयों में महात्मा गांधी के अहिंसा के विचारों को प्रचारित कर चुके हैं। धर्मशाला के बाद वह जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश होते हुए दो अक्तूबर को दिल्ली के राजघाट में अपनी यात्रा का समापन करेंगे। वह अब तक 40 हजार किलोमीटर का सफर कर चुके हैं। 25 हजार किमी साइकिल पर और 15 हजार किमी पैदल यात्रा की है।