राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर के एमटेक प्रथम वर्ष के छात्र सूजल शर्मा की मौत मामले में नामजद चारों आरोपियों का पुलिस रिमांड मंगलवार को खत्म हो गया। जिला पुलिस ने चारों आरोपियों को मंगलवार दोपहर बाद हमीरपुर न्यायालय में पेश किया, जहां से इन्हें 6 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस रिमांड के दौरान महज एक आरोपी रजत शर्मा ने कबूल किया कि वारदात की रात उसने एनआईटी परिसर में प्रवेश किया था।
लेकिन उसने वहां पर क्या किया और किन-किन लोगों को नशा बांटा, यह सूचना अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगी है। हालांकि आरोपियों से पूछताछ के दौरान कौन-कौन लोग चिट्टे का सेवन करते हैं, इसकी सूचना पुलिस को प्राप्त हुई है। पुलिस ने इन आरोपियों की शिनाख्त पर बीते दिन दबिश देकर चरस व चिट्टे के दो मामले पकड़े हैं।
22 अक्तूबर की रात को एनआईटी हमीरपुर का वार्षिक उत्सव हिलफेयर हुआ। देर रात तक इस कार्यक्रम में संस्थान के छात्रों ने भाग लिया। 23 अक्तूबर की सुबह एमटेक प्रथम वर्ष का छात्र सूजल शर्मा अपने छात्रावास के कमरे में मृत मिला था। हमीरपुर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर धारा 304 और एनडीपीएस एक्ट में बीटेक के दो छात्रों वर्णित वर्मा और वरुण शर्मा, नशा सप्लाई करने वाला रजत शर्मा और नशे की खेप के साथ पकड़े गए ईशांत राणा को गिरफ्तार किया था।
उधर, पुलिस अधीक्षक डॉ. आकृति शर्मा ने कहा कि चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस जिलेभर में नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए अभियान चलाए रही है।