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विद्यार्थियों से ट्यूशन फीस ही वसूलेगा एनआईटी हमीरपुर, बीओजी की बैठक में फैसला

Fri, 18 Jun 2021 08:11 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

बैठक में एनआईटी हमीरपुर के कार्यकारी निदेशक प्रो. ललित अवस्थी और रजिस्ट्रार प्रो. योगेश गुप्ता समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे। इस निर्णय के बाद सभी छात्रों का प्रति सेमेस्टर 5250 रुपये शुल्क माफ होगा, जबकि पुराने छात्रों को उनकी तत्कालीन फीस के मुताबिक 4300 रुपये माफ हो जाएंगे।
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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर
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विस्तार
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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर ने अपने सभी स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी के विद्यार्थियों की ट्यूशन फीस के अलावा अन्य सभी अतिरिक्त शुल्क माफ कर दिए हैं। कोविड-19 के चलते विद्यार्थियों की खराब आर्थिक हालत देखते हुए एनआईटी की बोर्ड ऑफ गवर्नर (बीओजी) की शुक्रवार को चेयरमैन प्रो. चंद्रशेखर की अध्यक्षता में हुई बैठक में छात्र हित में यह निर्णय लिया। बैठक में एनआईटी हमीरपुर के कार्यकारी निदेशक प्रो. ललित अवस्थी और रजिस्ट्रार प्रो. योगेश गुप्ता समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे। इस निर्णय के बाद सभी छात्रों का प्रति सेमेस्टर 5250 रुपये शुल्क माफ होगा, जबकि पुराने छात्रों को उनकी तत्कालीन फीस के मुताबिक 4300 रुपये माफ हो जाएंगे। संस्थान में सेवारत चार शिक्षकों का ग्रेड-पे भी बढ़ेगा।

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पिछली बीओजी में तकनीकी अड़चनों के कारण 45 शिक्षकों का ग्रेड-पे बढ़ा था, लेकिन चार शिक्षक इस वित्तीय लाभ से छूट गए थे। दो शिक्षकों की पीएचडी संबंधित अड़चन, जबकि दो अन्य का कोर्ट केस था। एसोसिएट प्रोफेसर की मैपिंग 9000 से बढ़ाकर 9500 की गई है, जबकि प्रोफेसर की मैपिंग 10 हजार से 10500 की गई है। वर्तमान मेें 49 शिक्षकों की मैपिंग हो गई है। छह का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। वहीं संस्थान में पीएचडी के छात्रों के रिसर्च वर्क के चलते उन्हें कोविड-19 टेस्ट के बाद परिसर में प्रवेश की अनुमति देने पर निर्णय लिया गया। फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कोविड के चलते इस सत्र से शुरू नहीं होगा, जबकि एनर्जी विभाग में पढ़ाई के लिए मंजूरी दी गई। ट्रिप्पल आईटी ऊना को जुलाई से पूर्व हमीरपुर से शिफ्ट किया जाएगा।

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11 जून को हुए साक्षात्कार, अब नहीं होगी भर्ती

एनआईटी में रजिस्ट्रार के पदों के लिए 11 जून को बोर्ड ऑफ गवर्नर ने साक्षात्कार लिए हैं, लेकिन शुक्रवार को आयोजित बीओजी ने निर्णय लिया कि जब तक संस्थान में स्थायी रूप से निदेशक की नियुक्ति नहीं हो जाती तब तक इस पद को आगामी आदेशों तक नहीं भरा जाएगा। इससे साक्षात्कार में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को झटका लगा है। इस सीट के लिए नौ लोगों ने आवेदन किया था, जिनमें से छह ने साक्षात्कार में भाग लिया। वहीं एनआईटी के बर्खास्त निदेशक प्रो. विनोद यादव के समय हुई असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्तियों की उत्तर कुंजी गुम होने के मामले की जांच कमेटी ने पूरी कर ली है।

यह उत्तरकुंजी निदेशक और डीन फैकल्टी के पास थी। इस मामले में अब संस्थान पुलिस में एफआईआर दर्ज करने के बारे में कानूनी सलाह लेगा। एआईसीटीई के चेयरमैन को जब मंत्रालय ने जांच अधिकारी नियुक्त किया था तब यह उत्तरकुंजी नहीं मिली थी और इस पर खूब हंगामा हुआ था। संस्थान में दो प्रोफेसरों के बीच हुई मारपीट मामले में भी दो सदस्यीय कमेटी ने जांच पूरी कर ली है, जांच रिपोर्ट आगामी बीओजी की बैठक में शामिल होगी। वहीं एग्रीमेंट के मुताबिक पांच साल का अनुबंध काल पूरा कर चुके असिस्टेंट प्रोफेसर को संस्थान से बाहर करने का मामला भी न्यायालय में विचाराधीन है।

वित्त कमेटी ने दी 2.58 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी
 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर की वित्त कमेटी ने संस्थान में हॉस्टल, आवासीय और गैर आवासीय भवनों की मरम्मत, रंग-रोगन, फुटपाथ का निर्माण, स्ट्रीट लाइट्स, चहारदीवारी, स्टोर और किचन समेत अन्य इलेक्ट्रिकल वर्क के लिए 2.58 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। संस्थान में पतंजलि की एक दुकान को बंद करने के निर्देश के चलते दुकान का पिछले करीब छह माह का किराया भी माफ किया गया है।
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