एनआईटी में रजिस्ट्रार के पदों के लिए 11 जून को बोर्ड ऑफ गवर्नर ने साक्षात्कार लिए हैं, लेकिन शुक्रवार को आयोजित बीओजी ने निर्णय लिया कि जब तक संस्थान में स्थायी रूप से निदेशक की नियुक्ति नहीं हो जाती तब तक इस पद को आगामी आदेशों तक नहीं भरा जाएगा। इससे साक्षात्कार में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को झटका लगा है। इस सीट के लिए नौ लोगों ने आवेदन किया था, जिनमें से छह ने साक्षात्कार में भाग लिया। वहीं एनआईटी के बर्खास्त निदेशक प्रो. विनोद यादव के समय हुई असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्तियों की उत्तर कुंजी गुम होने के मामले की जांच कमेटी ने पूरी कर ली है।
यह उत्तरकुंजी निदेशक और डीन फैकल्टी के पास थी। इस मामले में अब संस्थान पुलिस में एफआईआर दर्ज करने के बारे में कानूनी सलाह लेगा। एआईसीटीई के चेयरमैन को जब मंत्रालय ने जांच अधिकारी नियुक्त किया था तब यह उत्तरकुंजी नहीं मिली थी और इस पर खूब हंगामा हुआ था। संस्थान में दो प्रोफेसरों के बीच हुई मारपीट मामले में भी दो सदस्यीय कमेटी ने जांच पूरी कर ली है, जांच रिपोर्ट आगामी बीओजी की बैठक में शामिल होगी। वहीं एग्रीमेंट के मुताबिक पांच साल का अनुबंध काल पूरा कर चुके असिस्टेंट प्रोफेसर को संस्थान से बाहर करने का मामला भी न्यायालय में विचाराधीन है।
वित्त कमेटी ने दी 2.58 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर की वित्त कमेटी ने संस्थान में हॉस्टल, आवासीय और गैर आवासीय भवनों की मरम्मत, रंग-रोगन, फुटपाथ का निर्माण, स्ट्रीट लाइट्स, चहारदीवारी, स्टोर और किचन समेत अन्य इलेक्ट्रिकल वर्क के लिए 2.58 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। संस्थान में पतंजलि की एक दुकान को बंद करने के निर्देश के चलते दुकान का पिछले करीब छह माह का किराया भी माफ किया गया है।