योअर दोस्त से होगी काउंसलिंग
दरअसल, योजना के पीछे विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करना है, ताकि मानसिक अवसाद की वजह से बच्चे कोई गलत कदम न उठाएं। विद्यार्थी अक्सर इस तरह की दिक्कतों को शिक्षकों और अभिभावकों से साझा नहीं करते हैं। ऐसे में योअर दोस्त वेबसाइट का पंजीकरण भी एनआईटी प्रबंधन ने लिया है, ताकि विद्यार्थी बिना अपनी पहचान बताए मानसिक अवसाद से बाहर आ सकें। इसके अलावा एनआईटी प्रबंधन ने मनोवैज्ञानिक की नियुक्ति भी संस्थान में की गई है।