नौ मजदूरों को सुरक्षित दारचा लाया गया।
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शिंकुला दर्रा को जोड़ने वाले मनाली-दारचा-शिंकुला मार्ग से नौ कामगारों को रेस्क्यू किया गया। लाहौल-स्पीति पुलिस ने बुधवार रात दारचा-शिंकुला सड़क पर हिमपात के बीच अभियान चलाया और कंपनी के मजदूरों को रेस्क्यू करके सुरक्षित दारचा पहुंचाया। रेस्क्यू करने में पुलिस को साढ़े सात घंटे लगे। जानकारी के अनुसार बुधवार रात करीब 10:00 बजे पुलिस पोस्ट दारचा को सूचना मिली कि मार्ग पर बीआरओ की लोकेशन पर दारचा से 18 किलोमीटर दूर नौ मजदूर फंसे हैं।
उनके पास कोई हीटिंग उपकरण उपलब्ध नहीं है। वह जिस जगह पर फंसे हैं, वहां पर हिमस्खलन की भी संभावना है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस चौकी दारचा से पुलिस टीम निजी वाहन से मौके के लिए रवाना हुई। रॉरिक पहुंचने पर हिमपात अधिक हो गया और वाहन वहीं फंस गया।
रॉरिक गांव से छेरिंग नामक युवक ने अपना फोर बाई फोर वाहन पुलिस को मुहैया करवाया और वह खुद पुलिस टीम के साथ रेस्क्यू के लिए रवाना हुए। लोकेशन के 18 किलोमीटर पहुंचने के बाद पुलिस टीम को पता चला कि मजदूर यहां से दो किलोमीटर आगे फंसे हैं।
इस वाहन का भी वहां पहुंचना संभव नहीं था। ऐसे में पुलिस टीम ने पैदल ही निकल पड़ी। जद्दोजहद के बाद पुलिस टीम मजदूरों तक पहुंची तो पाया कि सभी मजदूर सुरक्षित हैं और उन्हें तुरंत रेस्क्यू कर सकुशल दारचा के पालोमो लाया गया।
पुलिस अधीक्षक लाहौल-स्पीति मानव वर्मा ने रेस्क्यू टीम के सभी सदस्यों को बधाई दी है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि भारी हिमपात के बीच घरों से बाहर न निकलें। आपात स्थिति में या जिला आपदा नियंत्रण कक्ष या जिला पुलिस नियंत्रण कक्ष के फोन नंबर पर संपर्क करें।