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एनजीटी की तल्ख टिप्पणी: ग्लेशियरों से बर्फ से ढके क्षेत्रों में कचरा बन रहा एक और आपदा

Sat, 31 Jan 2026 10:18 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू।

सार

लाहौल घाटी के कोकसर में कूड़ा-कचरा फेंकने पर एनजीटी ने कड़ा रुख अपनाया है। 
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एनजीटी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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 हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी के कोकसर में कूड़ा-कचरा फेंकने पर एनजीटी ने कड़ा रुख अपनाया है। एनजीटी ने कहा, घाटी में ग्लेशियरों और अन्य बर्फ से ढके क्षेत्रों में अंधाधुंध कचरा फेंकना एक और आपदा बनता जा रहा है। उल्लंघन रिपोर्ट के बाद भी कोई खास प्रगति नहीं हुई है। ट्रिब्यूनल ने प्रशासन को फिर से रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। इसमें केलांग से बिलिंग गांव और पुलिस लाइन के पास शकस नाला और पहाड़ी ढलानों पर ठोस कचरे का ढेर देखा गया है। जो दर्शाता है कि साडा द्वारा घर घर से ठोस कचरे का संग्रह नहीं हो रहा है।

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इसके अलावा इन संवेदनशील स्थानों पर ठोस कचरे के ढेर को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। अटल टनल रोहतांग के उत्तरी पोर्टल क्षेत्र के पास और बीआरओ आवास के पास सिस्सू-कोक्सर सड़क के किनारे की नालियों तथा सिस्सू के पास गोम्पाथांग नाले में ठोस कचरे का ढेर देखा गया है। इन जगहों पर ठोस कचरे को फेंकने के संबंध में जागरूकता और दंडात्मक कार्रवाई के बारे में जानकारी देने वाले कोई भी चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए गए हैं। एनजीटी के अधिवक्ता आकाश वशिष्ठ ने कहा कि एनजीटी ने जिला प्रशासन को 15 अप्रैल से एक सप्ताह पूर्व अपना जबाव दाखिल करने को कहा हैं। इस दौरान सुनवाई में एसडीएम केलांग वर्चुअल रूप से उपस्थित हुईं। उन्होंने बताया कि उन्होंने हाल ही में कार्यभार संभाला है और शीघ्र ही उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी। कहा कि पूर्व में प्रशासन द्वारा दाखिल जवाब से एनजीटी संतुष्ट नहीं है। 
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