नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से रोहतांग में वाहनों पर लगाए प्रतिबंध के बाद पहली बार टीम निरीक्षण को पहुंचीं। इस दौरान कई खामियां देखने को मिलीं। एसडीएम मनाली के साथ मौके पर पहुंची टीम ने पाया कि प्रतिबंध के बावजूद रोहतांग टॉप में रोजाना एक हजार के बजाय दो हजार से अधिक वाहन पहुंच रहे हैं। टैक्सी चालक लाहौल के परमिट पर सवारियों को रोहतांग ले जा रहे हैं।
स्थानीय लोग भी लाहौल जाने के नाम पर नियम तोड़ रहे हैं। उधर, रोहतांग में स्नो स्कूटर ऑपरेटर भी सैलानियों को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। एक सैलानी से एक हजार से लेकर पांच हजार रुपये तक वसूल किए जा रहे हैं। यही नहीं, ओल्ड मनाली से हर रोज सैकड़ों बाइकर्स रोहतांग पहुंच रहे हैं। इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है। टीम ने पाया कि यहां आने वाले सैलानियों के लिए अदद शौचालय तक की सुविधा नहीं है।
जो शौचालय हैं उनकी हालत दयनीय है। हर ओर गंदगी ही गंदगी फैली हुई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की टीम ने मौके पर प्रशासन को कड़ी फटकार भी लगाई। मौके पर पूछा कि यह सब क्या हो रहा है। ढाबों के निरीक्षण के दौरान भी कई खामियां पाई गईं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की टीम ने इस दौरे की पूरी वीडियोग्राफी की जिसकी पूरी रिपोर्ट ट्रिब्यूनल में पेश की जाएगी।
टीम के कड़े रुख से लग रहा है कि आने वाले समय में एनजीटी और शिकंजा कस सकता है। इधर, इस बारे में उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर का कहना है कि टीम दौरे पर है। रोहतांग का दौरा कर पूरी स्थिति का जायजा लिया गया। इसकी पूरी रिपोर्ट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को सौंपी जाएगी।
टीम ने की वीडियोग्राफी
एनजीटी
की टीम ने स्नो स्कूटर की ओवरचार्जिंग पर खुद सैलानियों से पूछा कि उनसे
कितने रुपये वसूल किए गए। इससे ही भंडाफोड़ हो गया। बीच रास्ते में
सैलानियों की टैक्सियों को रोककर उनसे चार्ज किए किराये की जानकारी हासिल
की। इस दौरान वीडियोग्राफी भी हो रही थी।