सूची में उन हिल स्टेशनों और ईको सेंसिटिव जोन की सूची भी देने को कहा है, जहां क्षमता अध्ययन कराना जरूरी है। गाइडलाइन तैयार करने को 30 नवंबर तक मियाद तय की है। इसके पीछे कारण दिया है कि इन क्षेत्रों में अनियंत्रित तरीके से हो रहे निर्माण से वहां के पर्यावरण को खतरा हो गया है।
इस गाइडलाइन व सूची के बनने के बाद सभी संबंधित राज्यों को तय गाइडलाइन के आधार पर तीन महीने के अंदर हिल स्टेशनों और ईको सेंसिटिव जोन के क्षमता आंकलन अध्ययन कराना होगा। एनजीटी के इस आदेश के बाद हिल स्टेशनों व ईको सेंसिटिव जोन में होने वाले निर्माण कार्यों का भविष्य अधर में लटक गया है।