इसके बाद 11 जनवरी, 2018 को भी हिमाचल प्रदेश को कुल्लू-मनाली के पूरे इलाके की जांच रिपोर्ट को चरणबद्ध तरीके से दाखिल करने को कहा था। इसके तहत पहली रिपोर्ट 6 मार्च को दाखिल की जानी थी। हालांकि हिमाचल प्रदेश ने रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का और वक्त मांगा।
इसके बाद 8, 12 और 19 मार्च को भी मामले पर सुनवाई हुई। हर बार रिपोर्ट दाखिल करने के लिए मोहलत मांगी गई। बावजूद इसके अभी तक रिपोर्ट नहीं दाखिल हुई।
इतना ही नहीं जांच के दौरान अवैध होटलों और उद्योगों के पंजीकरण को रद्द करने व बिजली-पानी कनेक्शन काटने के मामले में अधिवक्ता ने गुमराह किया कि सुप्रीम कोर्ट से कुछ लोगों ने अंतरिम आदेश के तहत रोक लगवाई है।
जबकि सुप्रीम कोर्ट की ओर से कोई ऐसा आदेश नहीं दिया गया। पीठ ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की ओर से आदेशों का अभी तक पालन नहीं किया गया। मामले पर 10 अप्रैल को सुनवाई होगी।