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Shimla News: एनजीओ फेडरेशन ने सीएम के समक्ष जताया ओपीडी पर विरोध

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सीएम से फैसला वापस लेने का किया आग्रह
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दावा, सीएम ने दिया एक छत के नीचे सभी सुविधाएं देने का आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कमला नेहरू अस्पताल की एनजीओ फेडरेशन ने भी गायनी ओपीडी को आईजीएमसी शिफ्ट करने का विरोध किया है। केएनएच एनजीओ फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को सदस्यों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात की। इस दौरान केएनएच मामले में मुख्यमंत्री ने 20 मिनट तक इनकी बात को सुना। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि महिलाओं को एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। महिलाओं को किसी भी तरह से परेशान नहीं आने दी जाएगी।

मुलाकात के दौरान केएनएच में रोबोटिक सर्जरी शुरू और आईवीएफ सेंटर खोलने भी मांग की गई। मुख्यमंत्री को सदस्यों ने बताया कि आईजीएमसी में कई मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। वहीं न तो पर्याप्त स्थान उपलब्ध है और न ही आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था है। यदि स्टाफ को यहां से रोटेशन आधार पर भेजा जाएगा तो इससे दोनों संस्थानों की कार्यप्रणाली प्रभावित होगी। मरीजों को भी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। वर्तमान समय में कमला नेहरू चिकित्सालय में हर प्रकार की सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध है जिसमें एंटीनेटल महिलाओं का उपचार गर्भावस्था से लेकर प्रसूति तक का पूर्ण रूप से किया जाता है।
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यदि गायनी ओपीडी और वार्ड को आईजीएमसी में ही रखा जाता है तो काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा गर्भपात, एमटीपी, सेक्शन ईटीसी हो जाए तो उन्हें कमला नेहरू अस्पताल से फिर आईजीएमसी ही जाना पड़ेगा जिससे अनावश्यक परेशानी बढ़ेगी। इसके अलावा डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को इधर-उधर भागदौड़ करनी पड़ेगी। इस दौरान बताया कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार भी गायनी और प्रसूति विभाग को एक ही छत के नीचे रखने के लिए कहा है। अगर ऐसा नहीं होता है तो पढ़ाई करने आ रहे प्रशिक्षुओं पर भी असर पड़ेगा। फेडरेशन अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री ने एनजीओ की बात को ध्यानपूर्वक सुना है। उन्होंने कहा कि जब से विभागों को शिफ्ट किया है तब से ओपीडी भी काफी कम हो गई है। महिला मरीज परेशान होने की बजाए दूसरे अस्पतालों में जाने लगी हैं।
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