शहर के सर्कुलर रोड पर जाम का कारण बने ओल्ड बस स्टैंड को टुटीकंड़ी आईएसबीटी शिफ्ट करने में नया संशोधित ट्रैफिक प्लान अड़चन बन गया है। ओल्ड बस स्टैंड से शहर के लोकल रूटों पर एचआरटीसी और प्राइवेट बसें रवाना होती हैं।
अक्तूबर 2012 में लागू किए गए संशोधित ट्रैफिक प्लान के तहत शहर के 40 किलोमीटर के दायरे में चलने वाली बसें ओल्ड बस स्टैंड से चलानी अनिवार्य हैं। इसके अलावा शहर के लोगों की सुविधा के लिए रात आठ बजे से सुबह सात बजे तक शिमला पहुंचने वाली लांग रूट बसों की भी ओल्ड बस स्टैंड में एंट्री अनिवार्य है।
शहर में जाम की समस्या का कारण बने ओल्ड बस स्टैंड को यदि आईएसबीटी शिफ्ट किया जाता है तो 40 किलोमीटर के दायरे में चलने वाली बसें भी आईएसबीटी से रवाना होंगी। उधर, एचआरटीसी प्रबंधन का दावा है कि ओल्ड बस स्टैंड में ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए संजौली और न्यू शिमला सेक्टर के रूट आईएसबीटी से संचालित किए जा रहे हैं।
डीएसपी ट्रैफिक दिनेश शर्मा ने बताया कि एचआरटीसी बसों के ओल्ड बस स्टैंड में पार्क होने से जाम लग रहा है। शहर के 40 किलोमीटर के दायरे में अधिक बसें चलती हैं, यदि यह बसें यहां 5 से 10 मिनट काउंटर लगाकर निकल जाएं तो समस्या नहीं होगी। एचआरटीसी का ड्यूटी चार्ट और कैश का काम भी आईएसबीटी में होना चाहिए।
आईएसबीटी से चल रहीं अधिकतर गाड़ियां: नेगी
आरएम देवासेन नेगी का कहना है कि ओल्ड बस स्टैंड में ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए लोकल यूनिट की अधिकतर गाड़ियों का संचालन आईएसबीटी से किया जा रहा है। संशोधित ट्रैफिक प्लान के आधार पर 40 किलोमीटर के दायरे में चलने वाली बसें ओल्ड बस स्टैंड से चलाई जा रही हैं।
क्या था संशोधित ट्रैफिक प्लान
संशोधित ट्रैफिक प्लान के तहत शाम आठ बजे से सुबह सात बजे तक सभी बसों की आवाजाही ओल्ड बस स्टैंड से करने का फैसला लिया गया था। इसके अलावा 40 किलोमीटर के दायरे में शहर के लोकल रूटों पर सभी बसों की आवाजाही ओल्ड बस स्टैंड से करने के निर्देश दिए गए थे।
बाद में शहर के आम लोगों, कारोबारियों तथा सब्जी व दूध विक्रेताओं की मांग पर जिला प्रशासन ने ट्रैफिक प्लान में संशोधन किया था।