शहरी विकास सचिव रजनीश ने कहा कि जिला ऊना में ग्राम पंचायत अंब और कुल्लू जिला में ग्राम पंचायत निरमंड को नगर पंचायत बनाया गया है। नगर पंचायत आनी में पांच पंचायतों बखनोह, आनी, कुंगश, नमहोंग और कराणा के क्षेत्रों को आंशिक रूप से शामिल किया गया है। इन पांचों पंचायतों की 2205 जनसंख्या को नगर पंचायत आनी में सम्मिलित किया गया है। शिमला जिला में नगर पंचायत चिड़गांव में चिड़गांव व सुंदा-भोंडा पंचायतों के क्षेत्रों को आंशिक रूप से शामिल किया गया है। इस नगर पंचायत में इन पंचायतों के 3378 लोगों को शामिल किया गया है। नगर पंचायत नेरवा में नेरवा पंचायत के क्षेत्र को आंशिक रूप से सम्मिलित किया गया है और इस नगर पंचायत की जनसंख्या 2216 होगी।
जिला सोलन की ग्राम पंचायत कवारग और सिरीनगर के क्षेत्रों को आंशिक रूप से समायोजित कर नई नगर पंचायत कंडाघाट सृजित की गई है, जिसकी कुल जनसंख्या 2668 होगी। इसके अतिरिक्त, जो तीन नगरपालिकाएं पुनर्गठित की गई हैं। उनमें जिला मंडी की नगर परिषद नेरचौक से 7777 जनसंख्या वाले क्षेत्र को नगरपालिका क्षेत्र से निकाला गया है और पुनर्गठन के बाद नेरचैक की जनसंख्या 8528 रह जाएगी। नगर पंचायत करसोग में से भी 770 लोगों को नगरपालिका क्षेत्र से निकाला गया है और 152 लोगों को शामिल किया गया है। इस प्रकार पुनर्गठन के बाद करसोग नगर पंचायत की जनसंख्या 2008 रह जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा की नगर पंचायत ज्वाली से भी 3436 जनसंख्या वाले क्षेत्र को निकाला गया है और पुनर्गठन के बाद ज्वाली की जनसंख्या 7342 रह जाएगी।