लोकमित्र केंद्र पर अगर किसी संचालक ने निर्धारित फीस से ज्यादा वसूली तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है। इसमें आर्थिक जुर्माने से लेकर केंद्र को सील किया जा सकता है। सूचना, प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि 2008 में आम लोगों को घर द्वार के नजदीक विभिन्न तरह के सरकारी सर्टिफिकेट दिलाने और ऑनलाइन सुविधाएं मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने लोकमित्र केंद्रों की शुरूआत की थी, लेकिन लगातार शिकायतों के आने के बाद केंद्र सरकार ने जुर्माने का प्रावधान किया है।
वर्तमान में इन केंद्रों पर 95 प्रकार की सेवाएं दी जा रही हैं। सभी डीसी को निर्देश दिए गए हैं कि वह ओवर चार्जिंग की शिकायत आने पर केंद्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने लोगों से अपील की कि जागरूक बनें। एक पंचायत में एक से अधिक लोकमित्र केंद्र खोले जा सकते हैं। अगर लोगों को जरूरत महसूस होती है तो वह डीसी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।