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25 टन से ज्यादा प्याज का स्टॉक नहीं रख सकेंगे थोक कारोबारी, सरकार ने लागू की नई व्यवस्था

Thu, 29 Oct 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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केंद्र सरकार ने प्याज के स्टॉक को स्टोर करने की सीमा निर्धारित कर दी है। हिमाचल सरकार से भी इसे लागू करने को कहा गया है। भारत सरकार की ओर से निर्धारित स्टॉक लिमिट के अनुसार होलसेल कारोबारी अपने गोदाम में 25 टन यानी 250 क्विंटल से अधिक प्याज नहीं रख सकेंगे। परचून विक्रेता अपनी दुकान में 2 टन यानी 20 क्विंटल से अधिक प्याज नहीं रख सकता है। यदि दुकानों और गोदामों में इससे अधिक मात्रा में प्याज की सप्लाई पाई जाती है तो खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। 

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उल्लेखनीय है कि जब भी किसी खाद्य पदार्थ की आपूर्ति कम और मांग अधिक हो जाती है तो दाम बढ़ जाते हैं। ऐसे में कारोबारी कालाबाजारी कर स्टॉक एकत्रित कर लेते हैं। हिमाचल में प्याज के दामों में भारी उछाल आ गया है। इस समय मार्केट में प्याज के दाम 70 से 80 रुपये तक पहुंच गए हैं। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के संयुक्त निदेशक यादवेंद्र पाल ने बताया कि प्याज की जमाखोरों को रोकने के लिए डीएफसी को छापे मारने के निर्देश दिए हैं। कारोबारियों के लिए प्याज का स्टॉक करने की लिमिट निर्धारित की है।

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तय से ज्यादा शुल्क लिया तो बंद होगा लोकमित्र केंद्र : डॉ. मारकंडा

 लोकमित्र केंद्र पर अगर किसी संचालक ने निर्धारित फीस से ज्यादा वसूली तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है। इसमें आर्थिक जुर्माने से लेकर केंद्र को सील किया जा सकता है। सूचना, प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि 2008 में आम लोगों को घर द्वार के नजदीक विभिन्न तरह के सरकारी सर्टिफिकेट दिलाने और ऑनलाइन सुविधाएं मुहैया कराने के  लिए केंद्र सरकार ने लोकमित्र केंद्रों की शुरूआत की थी, लेकिन लगातार शिकायतों के आने के बाद केंद्र सरकार ने जुर्माने का प्रावधान किया है।

वर्तमान में इन केंद्रों पर 95 प्रकार की सेवाएं दी जा रही हैं। सभी डीसी को निर्देश दिए गए हैं कि वह ओवर चार्जिंग की शिकायत आने पर केंद्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने लोगों से अपील की कि जागरूक बनें। एक पंचायत में एक से अधिक लोकमित्र केंद्र खोले जा सकते हैं। अगर लोगों को जरूरत महसूस होती है तो वह डीसी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
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