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सत्या कौंडल ने नगर निगम में की क्लर्क की नौकरी, अब बनीं महापौर

Thu, 19 Dec 2019 12:23 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
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देश के सबसे पुराने शिमला नगर निगम की नई मुखिया बनीं सत्या कौंडल का सफर बड़ा रोचक रहा है। 65 साल की सत्या का सफर नगर निगम में करीब 46 साल पहले शुरू हुआ। 1973 में 17 साल की उम्र में सत्या ने नगर निगम में क्लर्क की नौकरी शुरू की। सामान्य शाखा, टैक्स, एपी ब्रांच, अकाउंट, हेल्थ ब्रांच में करीब 36 साल सेवाएं देने के बाद साल 2010 में जलशाखा से सीनियर असिस्टेंट के पद से रिटायर हुईं। 

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रिटायरमेंट के बाद राजनीति में आने का सोचा लेकिन संजौली वार्ड पर उस समय कांग्रेस का 25 साल से कब्जा था। वार्ड से भाजपा की ओर से भी कई दावेदार थे। लेकिन नगर निगम के उनके अनुभव और मंत्री की करीबी होने का फायदा मिला। साल 2012 में भाजपा से पार्षद का टिकट मिला। अपने पहले ही चुनाव में सत्या ने 64 वोट से जीत हासिल की। साल 2017 में यह सीट ओपन हो गई। लेकिन इसके बावजूद भाजपा ने सत्या पर भरोसा जताया। सत्या ने भी 134 वोटों से सीट पर दूसरी बार कब्जा जमा लिया।

ढाई साल से मेयर की दौड़ में
पहले ढाई साल के लिए मेयर का पद आरक्षित था। ऐसे में सत्या का दावा आखिरी ढाई साल के लिए बनता था। सत्या कौंडल मूलत: चौपाल के पुलवाहल की रहने वाली हैं। यहां वह संजौली में रहती हैं। सत्या के दो बेटे हैं। सत्या ने बताया कि नौकरी के साथ उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी पूरी की है।
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नई मेयर सत्या कौंडल और डिप्टी मेयर शैलेंद्र चौहान ने अहम जिम्मेदारी देने के लिए सीएम जयराम ठाकुर, शिक्षामंत्री सुरेश भारद्वाज, मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा, विधायक बलवीर वर्मा, विस अध्यक्ष राजीव बिंदल, संगठन मंत्री पवन राणा, पार्टी अध्यक्ष सतपाल सती समेत पार्टी के सभी दिग्गज नेताओं का आभार जताया।

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नई मेयर बोलीं, ढाई साल में शिमला को बनाऊंगी स्मार्ट सिटी

सवाल: महापौर बनने के बाद सबसे पहले क्या काम करेंगी? 
मेयर: सबसे पहले अम्रुत के कामों को पूरा करवाऊंगी, जिसकी समयसीमा मार्च 2020 में खत्म हो रही है। केंद्र से और फंड देने की मांग की जाएगी। स्मार्ट सिटी का काम शुरू हो गया है। अगले ढाई साल में मेरा लक्ष्य रहेगा कि ज्यादातर काम पूरे हों और शिमला शहर स्मार्ट सिटी दिखने लगे।

सवाल: पिछले निगम की कई बजट घोषणाएं अधूरी हैं, उस पर क्या कहेंगी?
मेयर: पिछले निगम के जो काम अभी बचे हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा। पिछली मेयर ने भी अच्छा काम किया है। मैं भी सभी को साथ लेकर शहर का विकास करूंगी।

सवाल: महापौर बनने पर जीत का श्रेय किसे देंगी?
मेयर: इस जीत के पीछे सरकार और संगठन दोनों का हाथ है। पार्टी ने मुझे जो जिम्मेदारी दी है, उसे बखूबी निभाऊंगी।
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