उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री
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उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के आदेशों पर सरकार की ओर से गठित राज्य सड़क परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) और क्षेत्रीय सड़क परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की बैठक के बाद प्रदेश के हजारों बस और टैक्सी ऑपरेटरों को परमिट जारी होंगे। 25 मई को उप मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में आधिकारिक एसटीए और आरटीए गठित करने के आदेश दिए थे। पिछले हफ्ते इसे लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई, लेकिन अभी तक एसटीए और आरटीए बैठक की तिथियां तय नहीं हो पाई हैं। बैठकों में मंजूरी मिलने के बाद ही आवेदकों को परमिट जारी होंगे।
राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य सड़क परिहवन प्राधिकरण का चेयरमैन प्रधान सचिव परिवहन विभाग को बनाया गया है, जबकि निदेशक परिवहन विभाग को प्राधिकरण का सदस्य बनाया है। क्षेत्रीय सड़क परिवहन प्राधिकरण में निदेशक परिवहन विभाग को चेयरमैन और संबंधित आरटीओ को सचिव बनाया गया है। इसके अलावा गैर सरकारी सदस्यों की नियुक्तियां भी की जानी हैं। टैक्सी व बस ऑपरेटर का कहना है कि एसटीए व आरटीए के गठन के बाद बैठकें आयोजित न होने से परमिट जारी नहीं हो रहे हैं। ट्रांसपोर्टरों ने बैंकों से कर्जा लेकर गाड़ियां खरीदी हैं, परमिट न होने के कारण गाड़ियों का संचालन नहीं कर पा रहे हैं।
आरटीए और एसटीए के गठन की अधिसूचना जारी हो चुकी है। जल्द ही दोनों प्राधिकरणों की बैठकें आयोजित कर लंबित परमिट जारी कर दिए जाएंगे। परमिट जारी करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इसे ऑनलाइन किया गया है। आवेदक अपने आवेदन का स्टेट्स ऑनलाइन जांच सकते हैं।
- अनुपम कश्पप, निदेशक परिवहन विभाग