नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री (फाइल फोटो)
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नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री धर्मशाला को भी अपना ही जीता हुआ नगर निगम बता रहे हैं जबकि प्रदेश के चार निगमों में कांग्रेस के 29 और भाजपा के 28 उम्मीदवार जीते हैं। इससे कांग्रेस की जीत हुई है। नगर निगम में मिली जीत के बाद कांग्रेस ने भाजपा का रथ नगर निगम चुनावों में रोक दिया है। साफ है कि सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि वोट मांगते-मांगते मुख्यमंत्री की एड़ियां घिस गई लेकिन वह कांग्रेस से फिफ्टी-फिफ्टी के मुकाबले में भी नहीं आ सके।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कोई भी साथी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नहीं है। कांग्रेस एकजुट होकर कार्य कर रही है। इसी का नतीजा है कि प्रदेश के चार नगर निगम चुनावों में कांग्रेस ने पालमपुर व सोलन और भाजपा ने केवल मंडी का ही नगर निगम जीता है। धर्मशाला में अभी किसी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, जिससे मुख्यमंत्री जयराम नगर निगम चुनावों में अपनी हार स्वीकार कर लें।
वर्ष 2022 में कांग्रेस पूर्ण बहुमत से बनाएगी सरकार: राठौर
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि चार नगर निगमों में से दो पर पूर्ण बहुमत मिलने से पार्टी अब नए जोश और उत्साह के साथ आगे बढ़ेगी। उन्होंने इसका श्रेय कार्यकर्ताओं को देते हुए मतदाताओं का भी आभार जताया है। उन्होंने कहा कि लोगों ने भाजपा को पूरी तरह से नकार दिया है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में प्रदेश में कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ अपनी सरकार बनाएगी। कांग्रेस मंडी लोकसभा सीट और फतेहपुर विधानसभा उपचुनाव में भी जीत हासिल करेगी।
वीरवार को राजीव भवन में मीडिया से बातचीत में राठौर ने कहा कि भाजपा को केवल एक नगर निगम में ही जीत हासिल हुई और वह भी मुख्यमंत्री का गृह जिला है। इसमें मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्रियों को वोट मांगने के लिए घर घर जाना पड़ा। मंडी को मुख्यमंत्री ने प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाया था। लोगों पर जीत के लिए भारी दबाव बनाया गया। भाजपा ने यहां चुनाव प्रभावित करने की हरसंभव कोशिश की। मंडी को छोड़ कही भी कोई सफलता नहीं मिली। धर्मशाला में भाजपा को बहुमत नहीं मिला है।
नगर निगम मंडी और धर्मशाला में कांग्रेस की हार व कमियों के कारणों की समीक्षा की जाएगी और कमियों को दूर किया जाएगा। राठौर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए नगर निगम चुनाव में जीत की चुनौती दी थी। परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आए। देश-प्रदेश भाजपा मुक्त होने की राह पर चल पड़ा है। नगर निगम चुनावों में भाजपा ने अपने राष्ट्रीय नेताओं, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों सहित सभी विधायकों को गली-गली तक जाने पर मजबूर किया है।