भाजपा में बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद न तो जगत प्रकाश नड्डा और न ही पूरे चुनाव को गरमाने वाले अनुराग ठाकुर दिल्ली विधानसभा चुनाव में कोई कमाल कर पाए हैं। हिमाचल मूल के इन दोनों बड़े राष्ट्रीय नेताओं के हाथ में निराशा ही लगी है। नड्डा हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं और इस बड़े दायित्व के बाद उनका यह पहला चुनाव था। केंद्रीय वित्त एवं कारपोरेट राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर तो ‘गोली मारने’ वाले बयान से पूरे चुनाव में ही छाए रहे।
दिल्ली में अगर भाजपा की हार नहीं होती तो जाहिर है कि इसका श्रेय नड्डा और अनुराग ठाकुर को भी मिलता। नड्डा की अध्यक्ष पद पर पिछले महीने ताजपोशी हुई है। देश की सत्तारूढ़ पार्टी की कमान मिलने के बाद नड्डा की जिम्मेदारी बढ़ी है। बेशक पार्टी के तमाम महत्वपूर्ण फैसलों मेें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दखल रहता है, मगर इस वक्त नड्डा भी बहुत ताकतवर अवस्था में हैं। ऐसी अवस्था में पार्टी प्रमुख होने के नाते दिल्ली की यह हार उनके खाते में आना उनके समर्थकों के लिए स्वाभाविक रूप से निराशाजनक है।
शाहीन बाग के ज्वलंत मुद्दे के बीच रिठाला से भाजपा के उम्मीदवार मनीष चौधरी के समर्थन में अनुराग ठाकुर ने 27 जनवरी को ‘देश के गद्दारों को गोली मारो...’ नारा लगाकर विवाद खड़ा कर दिया था। गोली चलने की कुछ घटनाओं के बीच यह बाद तक बहुत बड़ा मुद्दा बना, मगर इसका भी भाजपा को कोई लाभ नहीं हुआ। इस तरह से राष्ट्रीय स्तर पर इन चुनाव में मुख्यधारा और चर्चा में रहे नड्डा-अनुराग के तमाम दांव-पैंतरे भी भाजपा के काम नहीं आ पाए।