कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने नियम 323 के तहत उनकी ओर से किए गए नोटिस और सवाल न लगाए जाने को लेकर नाराजगी जताई। कहा कि नियम 62 के तहत लाए जाने वाले ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत लोकहित के मामले उठाए जाते हैं, लेकिन उनके भेजे गए लोकहित के मामलों को शामिल नहीं किया गया। उनके सवाल और नोटिस रिजेक्ट होने की सूचना भी नहीं दी गई।
इस पर विस अध्यक्ष विपिन परमार ने कहा कि जो नोटिस और सवाल रह गए हैं, उन्हें आगामी शीतसत्र में लगाया जाएगा। उधर, वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि नेगी ने नियम 62 के तहत नोटिस दिया था। उसको लेकर चर्चा की गई। डीएफओ के अपने स्तर पर किए गए बीस तबादलों को उसी दिन रद्द कर दिया था। इसके बाद डीएफओ का भी तबादला कर दिया था। तकनीकी शिक्षा मंत्री रामलाल मारकंडा ने कहा कि चीन के सड़क बनाने को लेकर उनके बयान को तोड़मोड़ पेश किया जा रहा है।